
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को आगरा मेट्रो रेल परियोजना का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस प्रोजेक्ट के तहत दो कॉरिडेर बनाये जाएंगे। शहर के विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल ताजममहल जैसी जगहों को रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड से जोड़ा जाएगा। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा, 'देश के इंफ्रा सेक्टर की एक बड़ी दिक्कत हमेशा से ये रही थी कि नए प्रोजेक्ट्स की घोषणा तो हो जाती थी लेकिन उसके लिए पैसा कहां से आएगा, इस पर बहुत ध्यान नहीं दिया जाता था। हमारी सरकार ने नई परियोजनाओं की शुरुआत करने के साथ ही, उसके लिए आवश्यक धनराशि के इंतजार पर ध्यान दिया है।
पीएम ने कहा कि नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन प्रोजेक्ट के तहत 100 लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च करने की तैयारी है। कोशिश है कि देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए पूरी दुनिया से निवेश आकर्षित किया जाए। पीएम मोदी ने कहा, मेरा ये हमेशा से मत रहा है कि टूरिज्म एक ऐसा सेक्टर है, जिसमें हर किसी के लिए कमाई के साधन हैं। सरकार ने न सिर्फ e-Visa Scheme में शामिल देशों की संख्या में काफी वृद्धि की है, इसके साथ ही होटल रूम टैरिफ पर टैक्स को भी काफी कम किया है। उन्होंने कहा कि अब एक संपूर्णता की सोच से रिफॉर्म्स किए जा रहे हैं। शहरों के विकास के लिए हमने 4 स्तरों पर काम किया है। बीते समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान हो, जीवन ज्यादा सुगम हो, ज्यादा से ज्यादा निवेश हो, और आधुनिक टेक्नॉलॉजी का उपयोग अधिक हो।
बता दें कि आगरा मेट्रो की कुल लागत (केंद्रीय करों सहित) 8379.62 करोड़ रुपए होगी। इसमें पहले चरण में सिकंदरा से ताज ईस्ट गेट कारिडोर तैयार किया जाएगा । सबसे पहले ताज ईस्ट से जामा मस्जिद तक 6 किलोमीटर तक प्राथमिक सेक्शन तैयार किया जाएगा। इस सेक्शन में कुल 6 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। इसमें ताज ईस्ट गेट, बसई, फतेहाबाद रोड 3 उपरिगामी मेट्रो स्टेशन बनेंगे। ताज महल, आगरा फोर्ट और जामा मस्जिद भूमिगत मेट्रो स्टेशन होंगे। दूसरा कॉरिडोर, आगरा कैंट से कालिंदी विहार के बीच निर्मित होगा। इस कॉरिडोर की लंबाई 15.4 किमी. होगी और इसके अंतर्गत कुल 14 स्टेशन होंगे। दूसरे कॉरिडोर में, शहर के आगरा कैंट, सदर बाजार, कलेक्ट्रेट, सुभाष पार्क, आगरा कॉलेज, हरिपर्वत चैराहा, संजय प्लेस, एमजी रोड, सुल्तानगंज क्रासिंग, कमला नगर, रामबाग, फाउंडरी नगर, आगरा मंडी और कालिंदी विहार पर मेट्रो स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। आगरा मेट्रो रेल परियोजना के प्राथमिक सेक्शन के एलिवेटेड सेक्शन के सिविल निर्माण का कॉन्ट्रैक्ट मेसर्स सैम (इंडिया) बिल्टवेल प्राइवेट लि. को दिया गया है।
आगरा मेट्रो रेल परियोजना में कॉरिडोर-1 का डिपो तैयार करने के लिए 9.37 हेक्टेयर जमीन चयनित की गई है। इसमें से 8.09 हेक्टेयर जमीन पीएसी 15 वीं वाहनी और 1.28 हेक्टेयर जमीन मंडलायुक्त कार्यालय की है। आगरा मेट्रो रेल परियोजना के डिपो के निर्माण कार्य का जिम्मा मेसर्स लीशा इंजीनियर्स प्राइवेट लि. को दिया गया है। कारीडोर आगरा मेट्रो रेल परियोजना के अन्तर्गत 29.4 किमी. लंबे 2 कॉरिडोर्स का क्रियान्वयन किया जाएगा। इसमें सिकंदरा से ताज ईस्ट गेट कुल 14 किलोमीटर एक कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। इसमें 6 उपरिगामी व 7 भूमिगत स्टेशन होंगे जबकि 15.4 किलोमीटर लम्बे आगरा कैंट से कालिंदी विहार कॉरिडोर में 14 उपरिगामी स्टेशन होंगे।
मेट्रो रेल परियोजना से आगरा की 26 लाख से अधिक आबादी को फायदा मिलेगा। हर साल आगरा आने वाले लगभग 60 लाख पर्यटकों के लिए मेट्रो एक शानदार सेवा होगी। आगरा मेट्रो रेल परियोजना के रूप में आगरा शहर को एक अत्याधुनिक और वैश्विक स्तर का मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (एमआरटीएस) उपलब्ध हो सकेगा। आगरा मेट्रो के कॉरिडोर्स इस तरह से प्लान किए गए हैं कि शहर के 4 प्रमुख रेलवे स्टेशनों, बस डिपो, कॉलेजों, प्रमुख बाजारों और पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़ा जा सके।
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