
भोपाल। विधानसभा उप चुनाव के लिए जारी कैंपेन के बीच चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ पर कार्रवाई की है। आयोग ने कमलनाथ का नाम स्टार प्रचारकों से हटा दिया है। आदर्श आचार संहिता का बार-बार उल्लंघन करने के कारण चुनाव आयोग ने कमलनाथ का स्टार प्रचारक का दर्जा हटाया है। चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
कमल नाथ ने कथित तौर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। शिवराज सिंह चौहान द्वारा खुद को जनता का पुजारी बताए जाने वाले बयान पर तंज कसते हुए कमल नाथ ने कहा था कि जनता को भगवान और खुद को पुजारी बताने वालों के असली भगवान माफिया-मिलावटखोर बन चुके हैं। चुनाव आयोग ने इसे संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई की है।
यह पहला मौका नहीं है जब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अपनी टिप्पणियों के लिए चर्चा में आए हों। भाजपा नेता इमरती देवी के खिलाफ उनकी टिप्पणी पर भी काफी विवाद हुआ था, जब उन्होंने भाजपा नेता को कथित तौर पर आइटम कह दिया था। मध्य प्रदेश के सीईओ की रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने कमलनाथ को आदर्श आचार सिंहिता का दोषी माना। आयोग ने कमलनाथ के खिलाफ अनुच्छेद एक और दो के तहत कार्रवाई की है।
हालांकि, कमलनाथ इस कार्रवाई के बावजूद मध्य प्रदेश उपचुनाव में प्रचार कर सकेंगे, लेकिन खर्चा पार्टी नहीं प्रत्याशी देगा। बता दें कि मध्य प्रदेश में 25 विधायकों के इस्तीफे और तीन विधायकों की मौत के बाद 28 सीटों पर उपचुनाव होने हैं।
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