
सबलगढ़, 24 नवंबर, न्यूज़मंच, सबलगढ़ विधान सभा सीट पर अभी बीजेपी का कब्ज़ा है। मध्य प्रदेश की इस सीट को रावत समुदाय का गढ़ भी कहा जाता है। श्योपुर की तरह ही सबलगढ़ का भी इतिहास रहा है कि यहाँ पर किसी भी पार्टी को लगातार दो बार जीत नहीं मिली है। इस गणित के हिसाब से इस बार यहाँ कांग्रेस की बारी आ सकती थी।
सबलगढ़ विधान सभा सीट पर 2013 का परिणाम
सबलगढ़ विधान सभा सीट की निर्वाचन क्षेत्र संख्या 3 है। यह सीट SC या ST के लिए आरक्षित नहीं है। सबलगढ़ विधान सभा सीट, मोरेना लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के मोरेना जिले में आती है।
इस सीट पर 2013 के विधान सभा चुनाव में, बीजेपी से Meharban Singh Rawat की जीत हुई थी, और उन्हें 55950 वोट मिले थे। Meharban Singh Rawat के निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस से Suresh Chaudhary थे जिन्हे, 33446 वोट मिले थे। Meharban Singh Rawat और Suresh Chaudhary के बीच वोटों का अंतर 22504 था, जो की बहुत बड़ा अंतर था।
कांग्रेस की पकड़ कितनी पक्की
सुरेश चौधरी के निधन के बाद कांग्रेस एक दमदार चेहरे की तलाश में थी। 2018 के विधान सभा चुनाव में बीजेपी के Sarla Rawat के विरुद्ध कांग्रेस के Baijnath Kushwaha लड़ रहे हैं।
बताया जाता है कि मुरैना के बैजनाथ कुशवाहा का बहुजन समाज पार्टी ने टिकट घोषित किया था और कुछ दिन बाद ही उनके स्थान पर वृंदा सिकरवार को प्रत्याशी बनाने का ऐलान कर दिया गया। इससे बैजनाथ बसपा से नाराज चल रहे थे, और उन्होंने कांग्रेस का हाथ थाम लिया।
अब रावत फैक्टर तो बीजेपी के साथ है लेकिन क्या बीजेपी दोबारा सरकार बना पायेगी, या ये समीकरण किन्ही कारणों से बैजनाथ कुशवाहा की तरफ मुड़ेगा, ये तो चुनाव के परिणाम ही बताएँगे।
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