
हिसार, 2 नवंबर , न्यूज़ मंच, इंडियन नेशनल लोकदल (INDL / इनेलो )के कर्णधार भी आज कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के खानदान की तर्ज पर चल रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया की दादी विजयाराजे सिंधिया और उनके पिता माधवराव सिंधिया के बीच की अदावत जग-जाहिर है। सिंधिया खानदान की तरह ही इंडियन नेशनल लोकदल के के मुखिया और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने अपने ही सगे पोतों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्या मंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने अपने पोतों को पार्टी विरोधी नारे लगाने और अनुशाशनहीनता की वजह से तुरंत प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है|
ओमप्रकाश चौटाला के दो बेटे हैं। बड़े बेटे अजय चौटाला और छोटे बेटे अभय चौटाला हैं | सांसद दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला अजय चौटाला के बेटे हैं | ओम प्रकाश चौटाला द्वारा दोनों की प्राथमिक सदस्यता रद्द कर दी गयी है और उन्हें पार्टी की संसदीय समिति के नेतृत्वा से भी हटा दिया गया है|
ऐसा क्या किया था दुष्यंत और दिग्विजय ने?
ओमप्रकाश चौटाला की तरफ से जारी पत्र में लिखा है कि दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय सिंह दोनों ने 7 अक्टूबर, 2018 को चौधरी देवी लाल के जन्मदिवस के दौरान गोहाना में आयोजित कार्यक्रम में अनुशासनहीनता दिखाई। साथ ही, हुड़दंगबाजी भी की। दोनों पार्टी नेतृत्व के विरुद्ध नारेबाजी भी की थी। ये देखते हुए ओमप्रकाश चौटाला ने अपने भाषण के दौरान दुष्यंत और दिग्विजय को चेताया भी | उन्होंने कहा कि , ‘‘अगर नारे ही लगाने हैं तो मैं वापस चला जाता हूं। मुझे अपनी याददाश्त पर पूरा भरोसा है। मैंने देख लिया कि कौन क्या कर रहा है। नारे लगाने से काम चलता तो मैं अकेला काफी था। माहौल खराब करने वाले या तो सुधर जाएं, वरना चुनाव से पहले निकालकर बाहर फेंक दूंगा।’’
अब क्या करेंगे दुष्यंत और दिग्विजय?
दुष्यंत और दिग्विजय अपने पिता अजय चौटाला के पैरोल पर आने का इन्तेज़ा कर रहे थे| अजय चौटाला अपनी पार्टी गठित करने वाले हैं जिसमें दुष्यंत और दिग्विजय उनके साथ होंगे | ज्ञात हो की अजय चौटाला को १४ दिन कि पैरोल मिली है | वे शिक्षक भर्ती घोटाले, (जिसमे हरियाणा राज्य में 3,000 से ज्यादा जेबीटी शिक्षकों की अवैध भर्ती की गयी थी) के मामले मेंअपने पिता ओमप्रकाश चौटाला के साथ 10 साल की सजा काट रहे हैं।
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