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Economy: वित्त मंत्री ने किया आत्मनिर्भर भारत 3.0 का ऐलान, नए कर्मचारियों के EPF में सरकार देगी सब्सिडी
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Economy: वित्त मंत्री ने किया आत्मनिर्भर भारत 3.0 का ऐलान, नए कर्मचारियों के EPF में सरकार देगी सब्सिडी

नई दिल्ली। कोरोना संकट में पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था को रास्ते पर लाने के लिए मोदी सरकार ने आत्मनिर्भर भारत 3.0 का ऐलान किया है। आत्मनिर्भर भारत 3.0 के तहत 12 घोषणाएं की गई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हाल के आंकड़े अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दे रहे हैं। वित्तमंत्री ने कहा कि फॉरेन एक्सचेंज 560 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। GST कलेक्शन अक्टूबर में 1.05 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है। एफडीआई का निवेश अप्रैल से अगस्त के दौरान 35.37 अरब डॉलर रहा है जो सालाना आधार पर 13 प्रतिशत की बढ़त दिखा रहा है।

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना नाम से एक नई स्कीम लॉन्च की गई है। इसके तहत नए रोजगार के अवसर के लिए इंसेंटिव दिया जाएगा। यह अवसर कोविड रिकवरी के चरण में होना चाहिए। इस स्कीम के तहत जिनको लाभ मिलेगा उनमें अगर कोई नया कर्मचारी ईपीएफओ में रजिस्टर्ड कंपनियों में जुड़ता है और उसका मासिक वेतन 15 हजार रुपए से कम है तो उसे इसका फायदा होगा। यह स्कीम एक अक्टूबर 2020 से लागू मानी जाएगी और अगले दो साल तक के लिए रहेगी।

इसके तहत केंद्र सरकार दो सालों तक नए योग्य कर्मचारी को सब्सिडी देगी। ऐसे कर्मचारियों को एक अक्टूबर 2020 से पहले या उस तारीख तक योग्य होना चाहिए। इसमें कर्मचारी का योगदान कुल सैलरी का 12 प्रतिशत होना चाहिए और कंपनी का योगदान 12 प्रतिशत होना चाहिए। यानी इस स्कीम का सीधा मतलब यह है कि जिन कंपनियों के पास एक हजार कर्मचारी हैं उसमें सरकार कर्मचारियों और कंपनी दोनों के ईपीएफ में 12-12 प्रतिशत का योगदान देगी। जिनके पास एक हजार से ज्यादा कर्मचारी हैं उन कंपनियों को सरकार कर्मचारियों के ईपीएफ में 12 प्रतिशत का योगदान देगी।

वित्त मंत्री ने आत्मनिर्भर भारत अभियान-1 की प्रोगेस के बार में जानकारी देते हुए कहा कि इइस अभियान के तहत वन नेशन वन राशन स्कीम में राशन कार्ड की पोर्टिबिलिटी का लाभ 68.6 करोड़ लोगों ने उठाया है। इंटरस्टेट पोर्टिबिलिटी 28 राज्यों में लागू की गई है। हर महीने एक करोड़ लेन-देन (ट्रांजेक्शन) हो रहे हैं। प्रवासी कामगारों के लिए एक पोर्टल की भी शुरुआत की गई है। ECLGS में 2.05 लाख करोड़ रुपए की मंजूरी हुई है। इसमें 61 लाख लोगों को कवर किया गया है। 1.52 लाख करोड़ रुपए का डिस्बर्समेंट हुआ है। पार्शियल क्रेडिट गारंटी स्कीम-2 के तहत सरकारी बैंकों ने 26,889 करोड़ रुपए के पोर्टफोलियो की खरीदी की है।

उन्होंने कहा कि एनबीएफसी और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए स्पेशल लिक्विडिटी स्कीम के तहत 7,227 करोड़ रुपए का डिस्बर्समेंट किया गया है। डिस्कॉम के लिए लिक्विडिटी इंजेक्शन के रूप में 118,273 करोड़ रुपए के लोन को मंजूरी दी गई है। यह मंजूरी 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दी गई है। इसके तहत 31,136 करोड़ रुपए डिस्बर्समेंट किए गए हैं।

वहीं आत्मनिर्भर भारत-2.0 अक्टूबर की 12 तारीख को घोषित किया गया था। इसके तहत फेस्टिवल एडवांस लॉन्च किया गया था। इसमें एसबीआई उत्सव कार्ड को वितरित किया गया था। एलटीसी वाउचर स्कीम को लॉन्च किया गया था। 11 राज्यों ने 3,621 करोड़ रुपए को मंजूरी दी गई है। यह इंटरेस्ट फ्री लोन है। वित्तमंत्री ने कहा कि इनकम टैक्स रिफंड के तहत 39.7 लाख टैक्सपेयर्स को 132,800 करोड़ रुपए दिए गए हैं।

आत्मनिर्भर भारत 3.0 के तहत 12 घोषणाएं

1. ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा: सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार योजना की राशि चालू वित्त वर्ष में 10,000 करोड़ रुपये बढ़ा दी है। वित्तमंत्री ने कहा कि इससे ग्रामीण इलाके में रोजगार बढ़ेगा। ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार की सबसे बड़ी स्कीम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत पहले ही आत्मनिर्भर भारत अभियान 1.0 में 40,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट बढ़ा दिया गया था।

2. घर खरीदने वालों को राहत: सरकार ने दो करोड़ रुपये मूल्य तक आवासीय इकाइयों यानी घरों की सिर्फ प्राइमरी सेल के लिए सर्कल रेट और करार के मूल्य के अंतर को अगले साल 30 जून तक के लिए 10 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया है। इसके तहत 30 जून 2021 तक दो करोड़ रुपये तक के घरों के खरीदारों को राहत मिलेगी।

3. आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना: कोरोना काल में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए सरकार ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना शुरू की है। इसके तहत नई नौकरियां देने वाली कंपनियों को अनुदान मिलेगा। इससे संगठित क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा और पंजीकृत ईपीएफओ वाली कंपनियों के कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इसका फायदा उनको मिलेगा जो पहले ईपीएफओ से नहीं जुडे थे या जिनकी इस साल 1 मार्च से 30 सितंबर के बीच नौकरी चली गई। एक अक्टूबर 2020 से लागू यह योजना 30 जून 2021 तक रहेगी जिसमें केंद्र सरकार अगले दो साल तक अनुदान देगी। जिस कंपनी में 1000 या उससे कम कर्मचारी हैं, उसमें 12 फीसदी कर्मचारी और 12 फीसदी नियोक्ता के योगदान की भरपाई सरकार करेगी और जिनमें 1000 से ज्यादा कर्मचारी हैं उनमें सिर्फ कर्मचारी के योगदान का 12 फीसदी ही सरकार देगी।

4. इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम की अवधि बढ़ी: इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीजीएलएस) की अवधि बढ़ाकर 31 मार्च 2021 तक कर दी गई है। वहीं, कामत कमेटी की द्वारा चिन्हित संकट में फंसे 26 क्षेत्रों और स्वास्थ्य सेक्टर की इकाइयों को एक साल के मोरेटोरियम के साथ मूलधन चुकाने के लिए 5 साल का समय दिया गया है।

5. प्रोडक्ट लिंक्ड इन्सेंटिव: विनिर्माण के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने 10 सेक्टरों के लिए 1.46 लाख करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया है जिसका मकसद चीन को चुनौती देना है।

6. प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लिए 18000 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया है। इससे देश में गरीबों को आवास मिलने के साथ-साथ 78 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

7. ठेकेदारों को फायदा: सरकारी टेंडर में अर्नेस्ट मनी डिपोजिट और परफॉमेंस सिक्योरिटी में राहत दी गई है, कांट्रैक्ट की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी 5 से 10 फीसदी की जगह घटाकर 3 फीसदी कर दी गई है। टेंडर के लिए अर्नेस्ट मनी डिपोजिट की जरूरत नहीं होगी। इसकी जगह बोली सिक्योरिटी की घोषणा होगी।

8. इन्फ्रास्ट्रक्च र के लिए कर्ज की व्यवस्था 1.10 लाख करोड़ का प्लेटफॉमर्: सरकार ने कहा कि वह एनआईआईएफ के डेब्ट प्लेटफॉर्म में इक्विटी के रूप में 6000 करोड़ रुपये निवेश करेगी।

9. कोरोना टीके के अनुसंधान व विकास के लिए धन: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना के टीके के अनुसंधान एवं विकास के लिए 900 करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा की।

10. पूंजीगत व औद्योगिक खर्च के लिए प्रोत्साहन: पूंजीगत व औद्योगिक प्रोत्साहन पर खर्च के लिए 10,200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है, जो घरेलू रक्षा उपकरण विनिर्माता कंपनियों के साथ-साथ औद्योगिक प्रोत्साहन, औद्योगिक बुनियादी सुविधा व ग्रीन एनर्जी के लिए खर्च होगा।

11. निर्यात को प्रोत्साहन: निर्यात प्रोत्साहन को लेकर वित्तमंत्री ने कहा कि इंडिया डेवलपमेंट एंड इकॉनोमिक असिसटेंस स्कीम के तहत लाइन ऑफ क्रेडिट यानी एलओसी के माध्यम से निर्यात की परियोजना को प्रोत्साहन देने के लिए एक्सिम बैंक को 3,000 करोड़ रुपये जारी किया जाएगा।

12. किफायती दर पर उर्वरक के लिए धन: वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार ने किसानों को किफायती दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए 65,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है जिससे देश के 14 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा।

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