
नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को गृहमंत्री अमित शाह ने बातचीत के लिए बुलाया है। गृहमंत्री ने कहा, किसानों की हर समस्या और मांग पर विचार करने के लिए केंद्र सरकार तैयार है। अमित शाह ने कहा कि पंजाब की सीमा से लेकर दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर आज जो किसान भाई आंदोलन कर रहे हैं, उन सभी से मैं अपील करना चाहता हूं कि भारत सरकार आपसे चर्चा के लिए तैयार है। अगर किसान 3 दिसंबर से पहले बात करना चाहते हैं तो सरकार इसके लिए भी तैयार है। आप अपने प्रदर्शन को तय स्थान पर शिफ्ट करें और अगले ही दिन सरकार आपकी हर समस्या का समाधान करने के लिए बातचीत करेगी।
गृहमंत्री ने कहा कि कुछ दिनों से पंजाब और हरियाणा तथा देश के कुछ अन्य भागों से किसान दिल्ली की सीमा तक आये हैं। इस कारण से पंजाब से आने वाले दो प्रमुख राजमार्गो पर दिल्ली के बॉर्डर के समीप 27 नवंबर की दोपहर से किसान एकत्रित हुए हैं। किसानों को भी भारी ठंड के कारण अनेक समस्यााओं का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही आने जाने वालों को भी समस्या हो रही है। अमित शाह ने कहा, किसान भाईयों से विनम्र अपील है कि आपके लिए सरकार द्वारा दिल्ली के बुराड़ी में एक उचित व्यवस्था की है जहां आप अपना प्रदर्शन कर सकते हैं। सरकार ने वहां पानी, शौचालय और चिकित्सा की व्यवस्था की है, जिससे किसानों को कोई असुविधा न हो। इस ग्राउंड पर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन हेतु आपको पुलिस की अनुमति भी प्रदान की जाएगी।
अमित शाह के इस बयान के बाद भारतीय किसान यूनियन पंजाब के अध्यक्ष जगजीत सिंह ने कहा- अमित शाह जी ने बैठक के लिए शर्त रखी है। यह ठीक नहीं है। उन्हें खुले मन से बिना शर्त बातचीत की पेशकश करनी चाहिए थी। हम कल (रविवार) सुबह बैठक करके अपना रुख तय करेंगे। वहीं भारतीय किसान यूनियन, पंजाब के महासचिव हरिन्दर सिंह ने कहा कि हमने प्रदर्शन जारी रखने का फैसला लिया है। हम कहीं और नहीं जाएंगे। हरिन्दर सिंह ने कहा कि सुबह 11 बजे हम आगे की रणनीति तय करेंगे। उधर, 'दिल्ली चलो' मार्च के समर्थन में किसान गाजियाबाद-दिल्ली बॉर्डर पर पहुंच गए हैं। एक किसान ने कहा कि हम एमएसपी की गांरटी चाहते हैं। हम अन्य किसान संगठनों के साथ बैठक करने जा रहे हैं और आगे की योजना बनाएंगे।
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