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बिहार एनडीए में जुड़वा भाई के फॉर्मूले पर बांटी गई सीटें, भाजपा-जेडीयू को 17-17, लोजपा को 6
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बिहार एनडीए में जुड़वा भाई के फॉर्मूले पर बांटी गई सीटें, भाजपा-जेडीयू को 17-17, लोजपा को 6

नई दिल्ली, 24 दिसंबर, न्यूज़ मंच, लंबी खींचतान और मैराथन बैठकों के बाद आखिरकार बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और लोकजनशक्ति पार्टी (लोजपा) के बीच सीटों पर सहमति हो गई है। बड़ा भाई और छोटा भाई की बहस पर विराम लगाते हुए 'जुड़वां भाई' की राजनीति पर बात तय हुई है। दरअसल बिहार की 40 सीटों पर बंटवारे के फैसले के मुताबिक भाजपा और जदयू 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। जबकि, लोजपा 6 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इसके साथ ही रामविलास पासवान को एनडीए की ओर  से राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया गया है। सीट बंटवारे की जानकारी देते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने दावा किया कि अगले आम चुनाव में 2014 से भी ज्यादा सीटें जीतेंगे। अमित शाह ने कहा किन सीटों पर कौन लड़ेगा यह बाद में तय किया जाएगा। 

प्रशांत किशोर ने निभाई अहम भूमिका
नीतीश कुमार और राम विलास पासवान ने दावा किया कि एक बार फिर केंद्र में एनडीए की सरकार बनेगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह, नीतीश कुमार, राम विलास पासवान, चिराग पासवान मौजूद रहे। बिहार में एनडीए के सहयोगी रहे उपेंद्र कुशवाह की बगावत के बाद चिराग पासवान ने भी बागवाती तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे। इसके बाद भाजपा ने आनन-फानन में गठबंधन को बचाए रखने के लिए बैठकें की और जदयू और लोजपा की सहमति वाले इस फॉर्मूले को आकार दिया। इस पूरी कवायद में जेडीयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने बड़ी भूमिका निभाई। आपको बताते चलें कि इससे पहले एनडीए में शामिल उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी ने भी सीटों के बंटवारे को लेकर खुद को एनडीए से अलग कर लिया था। अब कुशवाहा की पार्टी बिहार के महागठबंधन में शामिल हो गई है। 

राज्यसभा जाएंगे पासवान
दोनों दलों के बीच गतिरोध की एक बड़ी वजह लोजपा प्रमुख राम विलास पासवान को राज्यसभा भेजे जाने की मांग थी। पहले भाजपा उन्हें यह सीट नहीं देना चाहती थी, लेकिन बाद उनके असंतोष को देखते हुए पासवान को राज्यसभा भेजे जाने पर सहमति दे गई। अगले साल असम से खाली हो रही दो राज्यसभा सीटों में से एक पर रामविलास पासवान को राज्यसभा भेजा जाएगा। 2009 में लोकसभा चुनाव हारने के बाद 2010 में रामविलास पासवान पहली बार बिहार से राज्यसभा के लिए चुने गए थे।

नीतीश ने कहा बिहार में 2009 जैसा प्रदर्शन दोहराएंगे
मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा कि बिहार में सीटों का बटवारा हो गया है। अब कुछ बोलने की आवश्यकता नहीं है। अब सीटों को लेकर कोई असहमति नहीं बची है। रही बात किस सीट से कौन चुनाव लड़ेगा, यह तय करने की तो यह हम अगले दिनों में  आपस में बैठ कर तय कर लेगें। हमारे बीच कोई असहमति नहीं है। बिहार में 2009 की तरह प्रदर्शन दोहराने की कोशिश की जाएगी। 2014 से ज्यादा सीटें जीतेंगे। पासवान की नाराजगी दूर करने के लिए भाजपा को बधाई। सन 2009 में भाजपा-जेडीयू गठबंधन 40 में से 32 सीटें जीता था। 

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