
लखनऊ, 28 नवंबर, न्यूज़ मंच, उत्तर प्रदेश विधानसभा के भीतर घूसखोरी को लेकर स्टिंग ऑपरेशन में तीन मंत्रियों ओमप्रकाश राजभर, अर्चना पांडे और संदीप सिंह के निजी सचिवों द्वारा घूस लेने की डीलिंग करने वाला वीडियो वायरल होने के बाद योगी सरकार हरकत में आ गई है। प्रदेश सरकार ने तीनो निजी सचिवों को सस्पेंड करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही इस मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने लखनऊ के एडीजी राजीव कृष्ण की अगुवाई में एक एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी में आईएसटीएफ और विशेष सचिव आईटी राकेश वर्मा को भी शामिल किया गया है।
एसपी-कांग्रेस ने मांगा योगी व मंत्रियों से इस्तीफा
इस स्टिंग के सामने आने के बाद सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। समाजवादी पार्टी ने स्टिंग को भ्रष्टाचार का सबूत बताते हुए भाजपा सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस ने इसके लिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया है। समजावादी पार्टी ने ट्वीट किया स्टिंग में तीन मंत्रियों के निजी सचिवों द्वारा घूस की डीलिंग करना समूची भाजपा सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार का सबूत है। आरोपों की जांच पूरी होने से पहले नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सम्बंधित मंत्रियों को अपने पद से इस्तीफा दे दिया जाना चाहिए।
खुफिया कैमरे के सामने निजी सचिवों ने क्या कहा?
एक न्यूज चैनल के अंडरकवर रिपोर्टर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के निजी सचिव ओम प्रकाश कश्यप के पास एक सूत्र के साथ पहुंचे। रिपोर्टर ने एक बेसिक शिक्षा अधिकारी का ट्रांसफर करवाने के लिए राजभर के निजी सचिव ओम प्रकाश कश्यप से बात की। रिपोर्टर ने उनसे जब इस काम का रेट पूछा तो उन्होंने साफ साफ शब्दों में कहा कि 30 से 40 लाख तो चलता है। यूपी की खनन मंत्री अर्चना पांडे के निजी सचिव एसपी त्रिपाठी भी खनन डीलिंग करते हुए कैद हुए। एसपी त्रिपाठी ने रिपोर्टर से कहा कि आपकी पैसा लगाने वाली पार्टी अच्छी होनी चाहिए बाकी कोई दिक्कत नहीं, इधर तो पैसा बहुत है। सरकारी स्कूल में बच्चों को दी जाने वाली किताबों की सप्लाई का ठेका पाने के लिए कैसे घूस का गिरोह चलता है। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के निजी सचिव संतोष अवस्थी खुफिया कैमरे पर इसके लिए डील करने को तैयार हो गए।
सीएम योगी इसकी जिम्मेदारी लें : राज बब्बर
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राज बब्बर ने भी इस भ्रष्टाचार के लिए सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जिम्मेदार ठहराते हुए इस्तीफे की मांग की है। राज बब्बर ने कहा स्टिंग के दौरान यह भी साफ हो गया कि तीनों निजी सचिव सरकार ने ही दिए थे। इस सरकार का उसूल है कि जो हमारे खिलाफ है उसे खिलाफ कर देंगे। इस मामले में सीधे सीएम की जिम्मेदारी बनती है, उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।
राजभर ने कहा मुझसे लेना-देना नहीं
स्टिंग ऑपरेशन पर प्रतिक्रिया करते हुए मंत्री राजभर ने पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि वह सरकारी कर्मचारी हैं, हम उनके खिलाफ कार्रवाई कैसे कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मैं कार्रवाई क्यों करूं, मुख्य सचिव करें। राजभर ने स्टिंग ऑपरेशन में अपने कमरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें लगी होने से भी इनकार किया। हालांकि बाद में उन्होंने माना कि यह उनका ही कमरा था।
अर्चना बोलीं यह शर्मनाक, कार्रवाई करेंगे
मंत्री अर्चना पांडे ने दोषी निजी सचिवों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही। अर्चना पांडे ने कहा यह बहुत आश्चर्य की बात है कि मेरे ही कमरे में ऐसा काम हो रहा था। मेरी राजनीति की शुरूआत बेहद ईमानदार रही। पिछले दो साल में मैंने प्रयास किया है कि ईमानदारी से काम करूं। आज जो हुआ उसे देखकर मैं बहुत दुखी हू और चिंतित हूं। मैं इसके खिलाफ जांच करवाऊंगी और दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा।
संदीप सिंह विदेश में, नहीं हो सका संपर्क
मंत्री संदीप सिंह से बात नहीं हो सकी, क्योंकि वह विदेश में हैं। उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सकी। इस खुलासे के बाद पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। राज्य शासन ने दोषी पाए गए निजी सचिवों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
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