
भोपाल: भोपाल स्थित निजी संस्थान पीपुल्स मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने सोमवार को दावा किया कि उनके अस्पताल में बनाये गये केन्द्र में देश में अब तक सबसे ज्यादा 1,700 से अधिक लोगों पर कोरोना वायरस के टीके ‘कोवैक्सीन’ के क्लीनिकल परीक्षण हुए हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीपुल्स कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च सेंटर भोपाल के डीन डॉ. अनिल दीक्षित ने कहा, ‘‘हमारा केन्द्र ‘कोवैक्सीन’ के क्लीनिकल परीक्षण के कार्य में पूरे देश में सबसे आगे है। हमने 1,700 से अधिक लोगों का नामांकन किया है जो देश में सबसे ज्यादा हैं।’’ गौरतलब है कि पीपुल्स मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में 12 दिसंबर को कोरोना वायरस के स्वदेशी टीके ‘कोवैक्सीन’ के क्लीनिकल परीक्षण में शामिल 42 वर्षीय दीपक मरावी की नौ दिनों बाद 21 दिसंबर को मौत हो गई थीI
हालांकि टीका बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने एक बयान में शनिवार को कहा कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि व्यक्ति की मौत कोवैक्सीन से संबंधित नहीं है। कुछ संगठनों द्वारा इस क्लीनिकल परीक्षण में भाग ले रहे लोगों की सुरक्षा और उनके हकों को नजरअंदाज करने के आरोप भी लगाए गए हैं। इस बारे में पूछे जाने पर दीक्षित ने कहा, ‘‘यह हमें बदनाम करने की कोशिश है। जिन्हें लगता है कि कुछ गलत हो रहा है, वे कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।’’
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