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पटना में सियासी धुरंधरों को चुनौती देने उतरी महिलाएं, इनमें से कई राजनीति में बिल्कुल नईं पर जोश भरपूर
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पटना में सियासी धुरंधरों को चुनौती देने उतरी महिलाएं, इनमें से कई राजनीति में बिल्कुल नईं पर जोश भरपूर

पटना। पटना जिले की दो लोकसभा सीटों के अंतर्गत कुल 14 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें से बांकीपुर, कुम्हरार, दीघा और फुलवारी शरीफ विधानसभा सीटों के लिए महिला प्रत्याशियों ने भी नामांकन किया है। चुनाव मैदान में उतने वाली इनमें से कई महिलाएं पहली बार चुनाव मैदान में उतरी हैं। इसमें बांकीपुर से प्लूरल्स पार्टी की पुष्पम प्रिया और निर्दलीय सुषमा साहू नितिन नवीन के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व सदस्य सुषमा साहू भाजपा से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरी हैं। वहीं, दीघा से शांभवी सिंह, फुलवारी से प्रतिमा कुमार ने भी नामांकन किया है।

मात्र एक वैगन आर की मालकिन है सुषमा साहू
बांकीपुर विधानसभा सीट से भाजपा की बागी सुषमा साहू ने भी नामांकन किया है। वह दो बार नगर निगम का चुनाव लड़ चुकी हैं। वह इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ निदर्लयी प्रत्याशी के रूप चुनाव लड़ रही हैं। सुषमा आत्मविश्वास से भरी हुई हैं, नामांकन करने के बाद उन्होंने कहा कि वह बदलाव के लक्ष्य के साथ चुनाव मैदान में उतरी हैं। उनके नाम से सिर्फ एक वैगन आर गाड़ी है। इसके अलावा कोई चल-अचल संपत्ति उनके नाम नहीं है। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से एमए, बीएड और एमएड की पढ़ाई की है। वह महिला अधिकारों के लिए लंबे समय से काम कर रही हैं। वह राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य भी रह चुकी है। उन्होंने कहा कि वह सामाजिक बदलाव का लक्ष्य लेकर चुनाव मैदान में उतरी हैं। भाजपा के प्रति बागी होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुझे मजबूरन बगावत करनी पड़ी। पार्टी में रहते हुए वर्तमान बांकीपुर विधायक ने मेरा हराम कर रखा था। इससे परेशान होकर ही उन्होंने चुनाव मैदान में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतरने का निर्णय लिया। 

विकास की धारा पुनर्जीवित करने मैदान में उतरी शांभवी  
दीघा विधानसभा से पत्रकार शांभवी सिंह पहली बार चुनाव मैदान में उतरी हैं। शांभवी का राजनीति से कोई सीधा रिश्ता नहीं है। नामांकन पत्र भरने के बाद शांभवी सिंह ने कहा राज्य में विकास उस मात्रा में नहीं हो सके हैं, जितनी कि जरूरत थी। मैं राज्य में विकास की धारा को पुनर्जीवित कर उससे जनता को सीधे जोड़ने का काम करना चाहती हूं। बिहार को लोगों ने बाहर से ही देखा है। अब वक्त आ गया बिहार को जानने का। जाति, धर्म और क्षेत्रवाद के नाम पर अब तक युवाओं का उपयोग किया जाता रहा है, लेकिन मैं कोशिश करूंगी कि उन्हें शिक्षा और रोजगार से जोड़ें। शांभवी ने अपने नामांकन पत्र में 34 लाख रुपए संपत्ति होने की घोषणा की है। 

प्रतिमा ने 15 साल समाजसेवा के बाद राजनीति में रखा कदम  
फुलवारी विधानसभा क्षेत्र (सु) से निर्दलीय चुनाव लड़़ने वाली समाजसेवी प्रतिमा कुमारी पिछले 15 सालों से बाल विवाह, असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों व महिला हिंसा के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। प्रतिमा कुमारी ने कहा वह बेहद गरीब परिवार से संबंध रखती है। प्रतिमा फुटबॉल खेलने वाली लड़कियों के साथ नामांकन करने पहुंची थी। भीषण आर्थिक कठिनाईयों का सामना करते हुए उन्होंने एलएलबी की पढ़ाई पूरी की है। वह बताती हैं कि उन्होंने गरीबी को बेहद नजदीक से देखा है। इसलिए अपने क्षेत्र के विकास के लिए काम करेंगी।


ये हैं पटना जिले की 14 विधानसभा सीटें
पटना की पाटलिपुत्र और पटना साहिब लोकसभा सीटों के अंतर्गत मोकामा, बाढ़, बख्तियारपुर, दीघा, बांकीपुर, कुम्हरार, पटना सिटी, फतुहा, दानापुर, मनेर, फुलवारी- सुरक्षित, मसौढ़ी-सुरक्षित, पालीगंज और बिक्रम समेत 14 विधानसभा सीटें आती हैं। 

 

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