
दिल्ली, ३ नवंबर, न्यूज़मंच , एक के बाद एक झटकों से बीजेपी उबर नहीं पा रही थी | जिन नेताओं को टिकट नहीं मिले उनके बागी स्वर तेज़ हो रहे हैं| इसी के बीच, सीएम शिवराज सिंह के साले संजय सिंह का कांग्रेस में जाना मध्य प्रदेश में भाजपा के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि संजय सिंह भी टिकट न मिलने से नाराज थे।
राजनैतिक हलकों में कयास लगाए जा रहे थे कि, आज दोपहर 1:30 बजे दिल्ली मुख्यालय में कांग्रेस अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है, लेकिन कांग्रेस ने उम्मीदवारों की घोषणा को टालते हुए एक बड़ा धमाका करते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान की पत्नी के भाई संजय सिंह मसानी को कांग्रेस में शामिल करने की घोषणा कर दी|
दिल्ली में हो रही कांग्रेस की प्रेस कांफ्रेंस में हुई घोषणा के मुताबिक, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साले संजय सिंह शनिवार को कांग्रेस में शामिल हो गए हैं । उम्मीद की जा रही है की कांग्रेस की पहली सूचि भी इसी प्रेस कांफ्रेंस में घोषित होगी|
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम शिवराज सिंह चौहान के साले संजय सिंह मसानी ने खुले तौर पर अपने जीजा सीएम शिवराज सिंह चौहान पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि, "अब शिवराज की नहीं नाथ की जरूरत है |" संजय ने कहा कि, "13 साल बहुत हो गए। अब दूसरों को भी मौका मिलना चाहिए।"
संजय ने बेरोजगारी के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि प्रदेश में बहुत सारी इन्वेस्टर मीट हुईं, लेकिन उनके परिणाम सामने नहीं आए। उन्होंने भाजपा द्वारा हाल में जारी की गई 177 उम्मीदवारों की सूची को लेकर भी सवाल उठाए। संजय ने आरोप लगाया कि भाजापा में अब परिवारवाद और वंशवाद फल फूल रहा है उन्होंने कहा कि अभी जो लिस्ट आई है, उसमें नेता पुत्रों और बेटियों को जगह दी गई है। व्यापम मुद्दे से जुड़े सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि मैं शिवराज सिंह चौहान का ब्रदर इन लॉ हूं, मैं परिवार से नहीं हूं, मैं रिश्तेदार हूं, मेरा नाम संजय सिंह मसानी है और मेरा गोत्र अलग है। माना जा रहा है कि संजय सिंह बालाघाट जिले की किसी भी विधानसभा से भाजपा का टिकिट चाह रहे थे, लेकिन अपने जीजा शिवराज सिंह चौहान द्वारा खुद के लिए टिकिट की वकालत करते न देख वह भड़क गए और सीएम सहित पूरी भाजपा को कड़ा झटका दे दिया।
दिग्विजय-सिंधिया के बीच भी नहीं बन पा रही थी सहमति : पार्टी की ओर से पहले 31 अक्टूबर को सूची जारी करने की संभावना जताई गई थी, लेकिन कुछ नामों को लेकर दिग्विजय और सिंधिया के बीच सहमति नहीं बनी। इसके अलावा दोनों नेता कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सामने भिड़ गए थे। ऐसे में पहली सूची की घोषणा टाल दी गई। शुक्रवार को फिर सूची जारी हाेने की उम्मीद थी, लेकिन देर रात पीसीसी चीफ कमलनाथ ने बयान दिया था कि आज सूची नहीं आएगी। इसके बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी शनिवार को सूची जारी कर देगी।
भाजपा ने शुक्रवार को जारी की सूची : दूसरी ओर भाजपा ने शुक्रवार को अपनी पहली सूची जारी कर दी है। इसमें 177 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पुरानी सीट बुधनी से ही चुनाव लड़ेंगे। इसके अलावा तीन मंत्रियों और 33 विधायकों के टिकट काट दिए गए हैं।
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