• Last Update 06:10 am

नाटकीय घटनाक्रम में फिर हटाए गए सीबीआई चीफ आलोक वर्मा, नागेश्वर राव को मिली सीबीआई की जम्मेदारी
Politics

नाटकीय घटनाक्रम में फिर हटाए गए सीबीआई चीफ आलोक वर्मा, नागेश्वर राव को मिली सीबीआई की जम्मेदारी


  • सुप्रीम कोर्ट द्वारा बहाल करने के दूसरे ही दिन फिर हटाए गए सीबीआई चीफ वर्मा
  • सुप्रीम कोर्ट द्वारा बहाल करने के दूसरे ही दिन फिर हटाए गए सीबीआई चीफ वर्मा
  • पीएम की अध्यक्षता वाली सेलेक्ट कमेटी ने 2-1 के बहुमत से लिया यह फैसला

नई दिल्ली, 11 जनवरी, न्यूज़ मंच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को उच्चस्तरीय सिलेक्शन कमिटी ने मैराथन बैठक कर सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को पद से हटाने का बड़ा फैसला लिया। समिति के अन्य सदस्यों में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और जस्टिस एके सीकरी शामिल थे। जस्टिस सीकरी देश के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की तरफ से उपस्थित हुए। यह अहम बैठक दो घंटे से अधिक समय तक चली और आखिरकार आलोक वर्मा पर गाज गिरी। नए डायरेक्टर की नियुक्ति होने या अगला आदेश आने तक CBI के अपर निदेशक एम. नागेश्वर राव एजेंसी चीफ का कामकाज देखेंगे। 

खड़गे विरोध में, 2-1 से फैसला
सिलेक्शन कमिटी ने 2-1 से यह फैसला लिया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस फैसले का विरोध किया। सूत्रों के मुताबिक जस्टिस सीकरी ने कहा कि आलोक वर्मा के खिलाफ जांच की जरूरत है। गौर करने वाली बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ही आलोक वर्मा को उनके पद पर बहाल कर दिया था। वर्मा 1979 बैच के AGMUT काडर के आईपीएस अफसर हैं। सीबीआई के इतिहास में पहली बार है जब एजेंसी चीफ के खिलाफ इस तरह का ऐक्शन हुआ है। CVC रिपोर्ट में वर्मा पर 8 आरोप लगाए गए थे, जिसे कमिटी के समक्ष रखा गया था। 

भ्रष्टाचार का आरोप, फायर सर्विसेज में भेजे गए वर्मा
आलोक वर्मा को फायर सर्विसेज, सिविल डिफेंस और होम गार्ड्स का डीजी बनाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि भ्रष्टाचार और अपने कर्त्तव्यों की उपेक्षा करने के आरोप में सीबीआई डायरेक्टर वर्मा को हटाया गया। इससे पहले खबरें थीं कि वर्मा को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) में पोस्टिंग दी जा सकती है। वर्मा 31 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं।

बेनतीजा रही बुधवार की बैठक 
अधिकारियों ने बताया है कि पैनल की बुधवार को हुई बैठक बेनतीजा रही थी। यह खबर ऐसे समय में आई है जब कुछ देर पहले ही सीबीआई सूत्रों ने जानकारी दी थी कि आलोक वर्मा ने गुरुवार को 5 बड़े अफसरों का ट्रांसफर कर दिया था। आपको बता दें कि सीबीआई के भीतर का विवाद करीब 3 महीने से चल रहा है। सरकार ने करीब दो महीने पहले वर्मा को जबरन छुट्टी पर भेज दिया था। 

  • Tags

You can share this post!


Leave Comments