• Last Update 06:12 am

CBI vs CBI : सीवीसी ने सीलबंद लिफाफों में सौंपी रिपोर्ट
Politics

CBI vs CBI : सीवीसी ने सीलबंद लिफाफों में सौंपी रिपोर्ट

सीबीआई चीफ आलोक वर्मा और जांच एजेंसी के नंबर-2 अफसर राकेश अस्थाना ने एक दूसरे पर रिश्वतखोरी के आरोप लगाए थे। केंद्र सरकार ने दोनों ही आला अफसरों को जांच लंबित रहने तक छुट्टी पर भेज दिया था। 

केंद्र के इस फैसले को सीबीआई चीफ आलोक वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। पहली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह मामला सीवीसी को जाँच के सौंप दिया था। 

क्या है पूरा मामला :

फरवरी 2017 में आलोक वर्मा को सीबीआई चीफ बनाया गया। उनके पहले राकेश अस्थाना अंतरिम चीफ थे। आलोक वर्मा के सीबीआई चीफ बनने के बाद राकेश अस्थाना पुनः नंबर 2 अफसर बना दिए गए।  

इसी बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चर्चित मीट कारोबारी मोईन कुरैशी को अगस्त 2017 में गिरफ्तार किया था। सर्च के दौरान ईडी  ने आरोप लगाया था कि कुरेशी कुछ शीर्ष नौकरशाहों और राजनेताओं के लिए पैसों के लिए एक मध्यस्थ की तरह काम किया करता था। एक बड़े मीडिया ग्रुप में आयी ख़बरों के मुताबिक, कुरैशी के लिंक पूर्व सीबीआई डायरेक्टर ए पी सिंह और उनके बाद बने डायरेक्टर रंजीत सिन्हा से भी रह चुके हैं।

जांच के दौरान हैदराबाद के व्यापारी सना सतीश बाबू का भी नाम आ गया, जो की मोइन कुरैशी की ओर से एक मध्यस्थ की भूमिका निभाता था । एजेंसी 50 लाख रुपए के ट्रांजैक्शन के मामले में उसके खिलाफ जांच कर रही थी।

राकेश अस्थाना CBI की ओर से मीट कारोबारी मोइन कुरैशी से जुड़े मामले की जांच कर रहे थे।

सना सतीश बाबू ने सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को शिकायत भेजी, जिसमे कहा कि अस्थाना ने इस मामले में उसे क्लीन चिट देने के लिए 5 करोड़ रुपए मांगे थे। इनमें 3 करोड़ एडवांस दिए गए। 2 करोड़ रुपए बाद में देने थे।

सीबीआई ने हैदराबाद के कारोबारी सना सतीश बाबू से दो करोड़ रुपए की रिश्वत कथित रूप से लेने के लिए अस्थाना के खिलाफ 15 अक्टूबर को प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी। जिसके बाद अस्थाना ने आलोक वर्मा पर भी रिश्वत के आरोप लगाए थे।  

सीबीआई के आला अफसरों के बीच इस प्रकार के आरोप-प्रत्यारोप की वजह से केंद्र ने वर्मा और अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया था।

इसके खिलाफ आलोक वर्मा और एनजीओ कॉमन कॉज ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। बाद में अस्थाना ने भी याचिका लगाई।

केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) ने सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा के खिलाफ हुई शुरुआती जांच की रिपोर्ट तीन सीलबंद लिफाफों में सुप्रीम कोर्ट को सौंपी । कोर्ट में सुनवाई चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस एसके कौल की बेंच ने की। 
सीबीआई के अंतरिम चीफ एम नागेश्वर राव ने भी अपनी अलग रिपोर्ट सौंपी, जिसमें उनकी तरफ से 23 से 26 अक्टूबर के बीच लिए गए फैसलों का ब्योरा है। अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने जांच रिपोर्ट समय पर दायर नहीं करने के लिए फटकार भी लगाई।

  • Tags

You can share this post!


Leave Comments