
रायपुर, न्यूज़मंच,
छत्तीसगढ़ राज्य में इस बार विधान सभा चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है। यह त्रिकोणीय मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और अजीत जोगी एवं मायावती के गठबंधन से बने तीसरे मोर्चा के बीच है । इस नए गठबंधन से कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों को ही नुकसान उठाना पड़ रहा है।
90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास फिलहाल 49 सीटें, कांग्रेस के पास 38 और बसपा के पास एक सीट है।
पहले चरण के चुनाव 11 नवंबर को संपन्न हो चुके है, जिसमे 18 सीटों पर 70% मतदान हुआ था।
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दूसरे और अंतिम चरण के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच 19 जिलों की 72 सीटों पर मतदान जारी है। चुनाव आयोग की जानकारी के सुबह 10 बजे तक 12.54 फीसद मतदान दर्ज किया गया था।कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम में शिकायत दर्ज की गई है।
दूसरे चरण के चुनाव में कुल 1,079 उम्मीदवार मैदान में हैं। 77 लाख से ज्यादा पुरुषों और 76 लाख से ज्यादा महिलाओं सहित डेढ़ करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं।
कांग्रेस और भाजपा ने सभी 72 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। 72 सीटों में से 46 सामान्य के लिए, जबकि 9 एससी और 17 एसटी के लिए आरक्षित हैं। इसका फायदा बसपा और जोगी की जनता कांग्रेस को मिल सकता है।
मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) 25 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जिन पर 2 फीसदी से लेकर 33 फीसदी तक बसपा का जनाधार है। इनमें से 11 सीटें बिलासपुर संभाग की हैं। बिलासपुर संभाग में बसपा के प्रभाव वाली सीटों में चंद्रपुर, जैजैपुर, पामगढ़, तखतपुर, जांजगीर, सारंगढ़, अकलतरा, सक्ती, बेलतरा, मस्तूरी और मुंगेली शामिल हैं।
वहीँ पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ 46 सीटों अपनी किस्मत आजमा रही है। जनता कांग्रेस के प्रभाव वाली सीटों में मरवाही, कोटा, लोरमी, मुंगेली, तखतपुर, बिल्हा, मस्तूरी और अकलतरा शामिल हैं।
अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) ने भी 66 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
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