
लखनऊ, 1 जनवरी, न्यूज़ मंच, देवरिया जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद के इशारे पर, आलमबाग के रियल एस्टेट कारोबारी, मोहित जायसवाल का अपहरण कर, उन्हें देवरिया जेल में पीटा गया। इस मामले में डिप्टी जेलर देवकांत यादव समेत हेड वार्डर मुन्ना पांडेय, वार्डर राजेश कुमार शर्मा और रामआसरे को सस्पेंड कर दिया गया है।
शासन स्तर पर गठित की गई कमेटी ने प्रथम दृष्टया इन लोगों को दोषी पाया है। इसके साथ ही, जेल के अंदर लगाए गए सीसीटीवी के फुटेज गायब होने पर चारों के खिलाफ विभागीय जांच की संस्तुति भी की गई है। संयुक्त सचिव उत्तर प्रदेश शासन सूर्य प्रकाश सिंह सेंगर ने अतीक अहमद का देवरिया जेल से तत्काल ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। उन्होंने अपर पुलिस महानिदेशक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, को कहा है कि अतीक अहमद को बरेली जेल ट्रांसफर करके शासन को तत्काल सूचित करें।
यह है मामला
देवरिया जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद के इशारे पर उनके गुर्गों ने आलमबाग के रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को 26 दिसंबर को उनकी गाड़ी समेत घर से अगवा कर लिया। आरोप है कि मोहित को देवरिया जेल में ले जाकर बैरक में पीटा गया और कनपटी पर पिस्तौल रख कर उनकी पांच कंपनियों का मालिकाना हक दो युवकों के नाम ट्रांसफर करवा लिया गया। इसके बाद जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया और गाड़ी भी छीन ली गई। कारोबारी शुक्रवार रात कृष्णानगर कोतवाली पहुंचा और अतीक अहमद, उनके बेटे उमर समेत 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। मामला सामने आने के बाद शासन प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जेल में पीएसी तैनात, देर रात छापेमारी
रविवार की रात साढ़े आठ बजे जिलाधिकारी अमित किशोर तथा पुलिस अधीक्षक एन कोलांची के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिकारियों तथा 500 सुरक्षाकर्मियों ने जेल में तलाशी अभियान चलाया। जेल में पीएसी तैनात की गई है।
गायब मिली सीसीटीवी फुटेज
डीएम ने बताया कि छापेमारी के दौरान जेल के सीसीटीवी फुटेज मिटाए जाने की बात सामने आई थी। उसके बाद जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) राकेश पटेल के नेतृत्व में चार सदस्यीय समिति गठित की गई थी। कमिटी ने अपनी रिपोर्ट सोमवार की दोपहर तक शासन को उपलब्ध करा दी।
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