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एसआईटी सीएम योगी को आज सौंप सकती है अपनी जांच रिपोर्ट, सामने आ सकती है घटना से जुड़ी सच्चाई
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एसआईटी सीएम योगी को आज सौंप सकती है अपनी जांच रिपोर्ट, सामने आ सकती है घटना से जुड़ी सच्चाई

लखनऊ। हाथरस गैंगरेप और मर्डर कांड की जांच के लिए गठित की गई स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) बुधवार को अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप सकती है। सूत्रों के अनुसार गृह सचिव भगवान स्वरूप की अगुवाई में बनी एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप दे दिया है और संभव है कि वुधवार को वह रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी जाए। इसके साथ ही इस घटना से जुड़ी सच्चाई भी सामने जाएगी।

SIT ने सभी पहलुओं पर की गहराई से जांच 
उल्लेखनीय है कि पूरे देश में पीड़िता को इंसाफ दिलाए जाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। एसआईटी की रिपोर्ट से मुमकिन है कि यह बात साफ हो जाए कि हाथरस का गुनहगार कौन है? पिछले सात दिनों से यूपी के तीन आला अधिकारियों वाली एसआईटी लगातार हाथरस का सच निकालने के लिए जांचें कर रही है। एसआईटी ने पीड़ित परिवार के सदस्यों और चश्मदीदों के बयान के अलावा इस घटना का क्राइम सीन रिक्रिएट करने के साथ-साथ अलावा परिस्थिति जन्य साक्ष्यों और अन्य पहलुओं का भी गहराई से अध्ययन किया है। हाथरस में गैंगरेप और हत्या से जुड़ी जानकारियां हर रोज बदल रही हैं और हर रोज हो नए खुलासे हो रहे हैं। एसआईटी ने जांच के दौरान कुछ नए तथ्य ढूंढे हैं, केस के लिहाज से बेहद अहम हैं। 

फोन रिकार्ड ने पलटा जांच का रुख
फोन रिकार्ड से यह भी पता चला है कि पीड़िता के भाई का मोबाइल फोन उसकी पत्नी यानी पीड़िता की भाभी इस्तेमाल करती थी। इस नंबर से आरोपी संदीप के नंबर पर लगातार बातें हुईं हैं। बातचीत का सिलसिला 13 अक्टूबर 2019 से 20 मार्च 2020 तक लगातार जारी रहा। यूपी पुलिस के मुताबिक, पीड़िता के भाई के मोबाइल से आरोपी संदीप के मोबाइल पर 62 बार कॉल किया गया और संदीप के मोबाइल से पीड़िता के भाई के नंबर पर 42 बार कॉल आई। यानी दोनों फोन के बीच कुल 104 बार बातचीत हुई। इस जानकारी के सामने आने के बाद जांच का रुख की पलट गया है।

यूपी सरकार ने की CBI जांच की सिफारिश
बहरहाल, एसआईटी आज अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने वाली है। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। जांच में भेदभाव का आरोप लगाए जाने के बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि इस मामले से जुड़ी जांच अदालत अपने निर्देशन में कराए, दूसरी ओर पीड़ित परिवार लगातार कह रहा है कि वह इस मामले में सीबीआई जांच नहीं चाहते हैं।

आरोपियों के परिजनों ने कहा भाई ने ही लड़की हत्या
उधर इस घटना में आरोपी बनाए गए लड़कों के परिजनों का कहना है कि लड़की की हत्या परिवार वालों ने ही की है, उन्हें बेवजह बलि का बकरा बनाया जा रहा है। हाथरस की सच्चाई क्या है ये जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। इस बीच दोनों पक्ष जोरदार तरीके से इंसाफ की मांग कर रहा है। पीड़िता के परिजनों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो, वहीं आरोपियों के पक्ष का कहना है कि हमारे लड़के बेगुनाह हैं। इस मामले की सीबीआई जांच और नार्को टेस्ट होना चाहिए।
 

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