
लखनऊ, 28 जनवरी, न्यूज़ मंच, भारतीय वायु सेना का एक जगुआर फाइटर जेट उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लगभग 322 किलोमीटर दूर कुशीनगर में आज दुर्घटनाग्रस्त हो गया। खबरों के मुताबिक, विमान गोरखपुर एयरफोर्स स्टेशन से रूटीन सॉर्ट पर था। पायलट ने सुरक्षित बाहर निकल कर अपनी जान बचाई। जगुआर विमान एक नियमित मिशन पर था और गोरखपुर वायुसेना अड्डे से उड़ान भरी थी।
हेतिंपिर इलाके में हुई दुर्घटना की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया गया है।
2018 में हुईं कुछ अन्य दुर्घटनाएं
यह दुर्घटना 4 सितंबर, 2018 को जोधपुर के बनाड़ क्षेत्र के पास एक मिग 27 के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद आई है।
इसके पहले भी 5 जून 2018 को, एयर कमोडोर संजय चौहान का निधन हो गया था, जब उनका जगुआर लड़ाकू विमान उत्तर-पश्चिमी गुजरात में कच्छ क्षेत्र के मुंद्रा तालुक में नीचे गिर गया था।
भारतीय वायु सेना के जगुआर के साथ जून 2018 के महीने में हुई इस दुर्घटना के बाद एक और खतरनाक दुर्घटना हुई थी। इसी के तीन दिन बाद 8 जून, 2018 को जगुआर विमान की उड़ान के दौरान भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के पायलट बाल-बाल बच गए। यह विमान भी गुजरात के अहमदाबाद में एक हवाई अड्डे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। स्क्वाड्रन लीडर, पायलट, एक नियमित प्रशिक्षण मिशन के बाद जामनगर वायु सेना के अड्डे पर लौट रहे थे जब उनके साथ लैंडिंग के दौरान यह हादसा हुआ। सूत्रों ने बताया कि इजेक्शन सीट के द्वारा पायलट को फेंकने से पहले विमान लगभग 500 फीट तक लुढ़का। विमान फिर एक और 100 फीट तक लुढ़क गया और टरमैक के साथ खुरदुरे रास्ते में फिसल गया।
27 जून, 2018 को ही महाराष्ट्र के नासिक के पास एक सुखोई 30 एमकेआई लड़ाकू विमान भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दुर्घटना में भी दोनों पायलट्स ने अपनी जान बचा ली।
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