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मध्‍यप्रदेश में निवेश और रोजगार के लिए स्विटजरलैंड में संभावनाएं तलाश रहे मुख्‍यमंत्री कमलनाथ
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मध्‍यप्रदेश में निवेश और रोजगार के लिए स्विटजरलैंड में संभावनाएं तलाश रहे मुख्‍यमंत्री कमलनाथ

भोपाल,24 जनवरी, न्यूज़ मंच, मध्‍यप्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने एवं निवेश की संभावनाओं को लेकर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे 49 वें विश्‍व आर्थिक सम्‍मेलन (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-WEF) के दौरान प्रोक्‍टर एवं गेंबल के एशिया पैस‍िफिक (इंडिया, अफ्रिका) प्रसिडेंट मंगेश्‍वरण सुरंजन से मुलाकात कर मध्‍यप्रदेश में निवेश किए जाने का आग्रह किया। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कमलनाथ ने कई देशों के व्यापार प्रमुखों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाए जाने की रणनीति पर काम किया। उल्‍लेखनीय है कि 25 जनवरी तक चलने वाले इस अधिवेशन में 100 देशों के प्रमुखों के अलावा औद्योगिक एवं व्‍यापारिक संस्‍थानों के 3,200 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने दक्षिण अफ्रीका के व्यापार और निवेश मंत्री रॉब डेविस से मुलाकात की।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने WEF के फ्यूचर ऑफ मोबिलिटी सिस्टम के प्रमुख क्रिस्टोफ़ वोल्फ से भी मुलाकात की।

नाथ ने प्रॉक्टर और गैंबल के एशिया पसिफ़िक, भारत और अफ्रीका के अध्यक्ष मंगेश्वरन सुरंजन से भी मुलाकात की और उनके साथ मध्य प्रदेश में निवेश के बारे में चर्चा की।

आईएमएफ लेगार्ड के राष्ट्रपति के साथ अपनी बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में चर्चा की। 

औद्यौगिक निवेश बढ़ाने कारगर साबित हो सकता है कमलनाथ का अनुभव 
मध्‍यप्रदेश के मौजूदा मुख्‍यमंत्री कमलनाथ यूपीए सरकार के पहले शासनकाल में वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री रह चुके हैं। केंद्रीय मंत्री के तौर पर वे उद्योग जगत से जुड़ी बड़ी हस्तियों के संपर्क में रहे, साथ ही एक सफल उद्योगपति होने के नाते भी औद्योगिक घरानों से उनकी नजदीकियां रही हैं। केंद्रीय मंत्री रहने के दौरान अंतर्राष्‍ट्रीय औद्योगिक जगत से जुड़े लोगों और बड़ी कंपनीयों के सीईओ के साथ भी कमलनाथ की मित्रता रही है। वे 1990 के दशक में पीवी नरसिम्हा राव की कैबिनेट में कपड़ा मंत्री के साथ पर्यावरण और वन मंत्री भी रहे। यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल के समय कमलनाथ के पास केन्‍द्रीय मंत्री के रूप में शहरी विकास, सड़क परिवहन और राजमार्ग एवं संसदीय कार्य विभाग की जिम्‍मेदारी रही। उनके पास सांसद के तौर जनसेवा करने का 35 साल का लंबा अनुभव है। केन्‍द्रीय वाणिज्‍य  और उद्योग मंत्री रहते हुए उन्‍होंन विश्व व्यापार संगठन में विकासशील देशों की आवाज़ बुलंद की। कुछ राजनैतिक विश्‍लेषकों का मानना है कि कमलनाथ के यह अनुभव प्रदेश के विकास की दृष्टी से बहुत उपयोगी साबित हो सकते हैं। 
 
पूरे प्रदेश में छिंदवाड़ा मॉडल लागू होने की उम्‍मीद 
कमल नाथ को छिंदवाड़ा का अघोषित राजा कहा जा सकता है। उनके प्रभाव का आलम यह है कि 2014 के लोकसभा चुनावों में मोदी लहर के बावजूद भी नाथ ने यह सीट जीती थी। छिंदवाड़ा अपनी सड़कों की गुणवत्ता और उद्योगों और विकास के समग्र सूचकांक के लिए जाना जाता है। अब मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री बनने के बाद कांग्रेस कमल नाथ से यह उम्मीद कर रही है कि वह शेष राज्य में भी, छिंदवाड़ा की तरह ही विकास और अपने नेतृत्वा से कांग्रेस पार्टी की जड़ें मजबूत करेंगे। प्रदेश का प्रत्येक नागरिक सत्ता परिवर्तन के बाद यह देखना चाहता है कि, क्या नाथ अपने विकास मॉडल के माध्यम से सभी को साथ लेकर चल पा रहे हैं। अगर ऐसा हो पाया, तो यह साबित हो जायेगा कि मध्य प्रदेश को कमलनाथ के रूप में एक योग्य और मजबूत नेता मिल गया है।

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