
भोपाल। प्रदेश में सरकार के तमाम कोशिशों के बाद भी कुपोषण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सर्वेक्षण में एक बेहद चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इस सर्वेक्षण में पता चला है कि पूरे प्रदेश में ऐसे 70 हजार बच्चे हैं, जो कुपोषण के शिकार हैं। इन बच्चों में नवजात से लेकर 6 वर्ष तक के बच्चे शामिल हैं।
बता दें इस अध्ययन में यह भी पता चला है कि एक तिहाई बच्चे त्वचा और हड्डी रोग से पीड़ित हैं।लगभग 10 लाख बंच्चो पर की गई यह सर्वे बताती है कि 4 लाख बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। ये बच्चे गम्भीर तीव्र और मध्ययम कुपोषण से ग्रसित हैं।
इस अध्ययन में अधिकांश तीव्र कुपोषण से ग्रसित बच्चों को पाया गया है। मध्यम वर्ग के कुपोषण वाले बच्चों की संख्या लगभग 3 लाख 50 हजार है।वहीं 70 हजार बच्चे गम्भीर रूप से कुपोषण के शिकार हैं, इनमें से 6,000 बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया है। बता दें पिछले कई वर्षों से कुपोषण के मामले में मध्य प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है।
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