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वाराणसी में पीएम मोदी को चुनौती दे सकती हैं प्रियंका गांधी !
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वाराणसी में पीएम मोदी को चुनौती दे सकती हैं प्रियंका गांधी !

नई दिल्ली, 24 जनवरी, न्यूज़ मंच, प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में उतरते ही कांग्रेस में एक नए जोश की लहर नजर आने लगी हैं।  जोश की इसी  लहर के साथ ही राजनैतिक गलियारों में कई अटकलें भी लगाई जाने लगी हैं।  इनके अनुसार माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव 2109 में वारणसी संसदीय क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतरकर प्रियंका गांधी प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी को सीधी चुनौती दे सकती हैं। राजनैतिक गलियारों की यह चर्चा कांग्रेस के दिग्गज नेता कपलि सिब्‍बल के उस ट्वीट के बाद शुरू हुई, जिसमें उन्‍होंने लिखा कि मोदीजी और अमित शाह ने कांग्रेस मुक्त भारत का आह्वान किया था, प्रियंका गांधी के अब उत्तर प्रदेश (पूर्वी) की राजनीति में आने से हम देखेंगे,.... मुक्त वाराणसी?.... मुक्त गोरखपुर?"।

सिब्‍बल के इसी ट्वीट के बाद कयास लग रहे हैं कि प्रियंका गांधी बाड्रा प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी को लोकसभा चुनाव में सीधी टक्‍कर दे सकती हैं। उल्‍लेखनीय है कि प्रियंका को कांग्रेस पार्टी का राष्‍ट्रीय महासचिव बनाए जाने के साथ ही उन्‍हें पूर्वी यूपी की कमान सौंपी गयी है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वारणसी पूर्वी उत्‍तरप्रदेश में ही आता है।  

प्रियंका के सक्रिय राजनीति में आने पर कांग्रेस दिग्‍गजों ने दिए यह बयान:-

कांग्रेस यूपी में अब फ्रंटफुट पर खेलेगी : राहुल
बुधवार को राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा, "कांग्रेस यूपी में अब फ्रंटफुट पर खेलेगी। अभी तक प्रियंका केवल रायबरेली और अमेठी की लोकसभा सीटों पर चुनाव प्रचार किया करती थीं।  मगर इस बार उन्हें भाजपा का गढ़ माने जाने वाले पूर्वी यूपी की जिम्मेदारी दी गई है।" हालाँकि, अभी तक एक साफ़ नहीं है कि उन्हें पूर्वी यूपी की किसी सीट से चुनावी मैदान में उतारा जाएगा। 


चुनाव प्रचार के बेहतर प्रबंधन के लिए कार्य विभाजित : पुनिया

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सफलता के पीछे मुख्य रणनीतिकार राज्यसभा सांसद पीएल पुनिया ने कहा, "चुनाव प्रचार के बेहतर प्रबंधन के लिए पार्टी ने उत्तर प्रदेश कार्यभार को AICC के महासचिवों प्रियंका गांधी (यूपी ईस्ट) और ज्योतिरादित्य सिंधिया (यूपी वेस्ट) के बीच विभाजित किया है।"
पुनिया ने कहा, “कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी यूपी के सभी 80 निर्वाचन क्षेत्रों में फ्रंट फुट पर लड़ेगी, जो कि एक कठिन काम है। इसीलिए दोनों महासचिवों के बीच जिम्मेदारी का बंटवारा किया गया है। ” 

प्रियंका गांधी वाराणसी से मैदान में उतर सकती है?

इसी के बीच ताज़ा अटकले यह हैं कि, पार्टी उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से मैदान में उतर सकती है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के ट्वीच से यह संकेत मिल रहा है। गुरुवार को कपिल सिब्बल ने ट्वीट किया,
"मोदीजी और अमित शाह ने कांग्रेस मुक्त भारत का आह्वान किया था। 
प्रियंका गांधी की अब उत्तर प्रदेश (पूर्वी) की राजनीति में आने से हम देखेंगे

.... मुक्त वाराणसी?

.... मुक्त गोरखपुर?"

यूपी के इस हिस्से से आठ लोग पहले प्रधानमंत्री बन चुके हैं

बता दें कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार है और यहाँ कांग्रेस की स्तिथि कुछ ठीक नहीं है। यूपी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को मात्र 7 सीटें और 6.25% वोट ही मिले सके थे। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सिर्फ रायबरेली और अमेठी की सीट ही जीत पाई थी। ऐसे में प्रियंका को उत्तरप्रदेश के उस हिस्से का प्रभारी बनाया गया है जहां से आठ लोग पहले प्रधानमंत्री बन चुके हैं।

उत्तर प्रदेश से पूर्व प्रधान मंत्रियों की सूचि :

जवाहर लाला नेहरू - फूलपुर, उत्तर प्रदेश 
लाल बहादुर शास्त्री - अलाहबाद , उत्तर प्रदेश
इंदिरा गाँधी - रायबरेली, उत्तर प्रदेश 
चरण सिंह - बाघपत, उत्तर प्रदेश 
राजीव गाँधी - अमेठी, उत्तर प्रदेश
वी पी सिंह - फतेहपुर, उत्तर प्रदेश 
चंद्र शेखर - बल्लिया, उत्तर प्रदेश 
अटल बिहारी वाजपेयी - लखनऊ, उत्तर प्रदेश 

मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वाराणसी से सांसद है। अब प्रियंका के सामने यह चुनौती है की वो मोदी को उन्ही के गढ़ में हराएँ। 

अब केवल जीजाजी रह गए हैं : कैलाश विजयवर्गीय

प्रियंका के इस तरह सक्रिय राजनीति में आने पर भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय , ने तंज कसते हुए कहा है कि अब केवल जीजाजी रह गए हैं। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'बस अब जीजाजी ही तो बाकी रह गए है, उनको कोषाध्यक्ष बना दीजिए।'

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