• Last Update 06:12 am

कोर्ट फैसले का अब और इंतजार संभव नहीं, अध्यादेश लाए केंद्र : विहिप
Dharm
Politics

कोर्ट फैसले का अब और इंतजार संभव नहीं, अध्यादेश लाए केंद्र : विहिप

नई दिल्ली, 3 दिसंबर, न्यूज़ मंच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राम मंदिर पर दिए गए बयान पर भाजपा के समर्थक दलों और संगठनों ने असंतोष जताया है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने सरकार से मंदिर निर्माण के लिए तुरंत कानून बनाने की मांग की। इससे पहले मोदी ने कहा था कि सरकार संविधान के तहत ही काम करेगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा। विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, हमने राम जन्मभूमि पर प्रधानमंत्री का बयान देखा है। यह मामला 69 साल से कोर्ट में चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला उनकी प्राथमिकता में नहीं है। अब यह सुनवाई 4 जनवरी को हो रही है, लेकिन जिस बेंच को सुनवाई करनी थी, उसका गठन नहीं हुआ है। अब यह फिर से सीजेआई की कोर्ट में आ गया है। 

संत बताएंगे आगे क्या करें

आलोक कुमार ने कहा,  हमें लग रहा है कि सुनवाई अभी कोसों मील दूर है। ऐसे में विहिप का फैसला है कि हिंदू समाज सालों तक कोर्ट के फैसले का इंतजार नहीं कर सकता। हम चाहते हैं कि सरकार अध्यादेश लाकर भव्य मंदिर बनाए। इस मामले में आगे की बातचीत प्रयागराज में धर्म संसद होगी। वहां संत तय करेंगे कि हमें आगे क्या करना है। 

मंदिर निर्माण के समर्थन में  हैं सांसद

उन्होंने कहा हम देश के ज्यादातर सांसदों से मिले। उन्होंने संसद में कानून लाकर मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करने का समर्थन किया है। हिंदू समाज लंबे समय से लोकतंत्र की लड़ाई लड़ रहा है। संत समाज हमारे साथ खड़ा है। 31 जनवरी को धर्म संसद में संत जो निर्णय लेंगे, हम उसी पर आगे बढ़ेंगे। 

शिवसेना ने पूछा जेपीसी से क्यों डरती है सरकार?

राफेल डील पर शिवसेना ने भी भाजपा सरकार को घेरा है। भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने राफेल डील पर जेपीसी की मांग की है। शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि यह कैसा ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट था कि जिसकी कोई कंपनी ही नहीं थी। वह सिर्फ कागजों पर है। जबकि एचएएल के पास सब था। फिर भी उसे नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि अगर हमारी सरकार साफ है तो हम जेपीसी से क्यों डरते हैं? 

अध्यादेश आया तो सुप्रीम कोर्ट में देंगे चुनौती

बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक जफरयाब जिलानी ने कहा कि अयोध्या में मंदिर निर्माण पर अगर सरकार अध्यादेश लाती है तो उसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मसले पर पिछले दिनों हुई बैठक में बाबरी मामले के मुख्य पक्षकार इकबाल अंसारी और बाबरी मस्जिद की कई तंजीमो ने तय किया कि इस मसले पर भाजपा अगर अदालत का िनर्णय स्वीकार नहीं करते हुए अध्यादेश लाती है, तो हमारे पास एक यही विकल्प बचता है। 

  • Tags

You can share this post!


Leave Comments