
नई दिल्ली, 22 दिसंबर, न्यूज़ मंच, पाकिस्तान में फिर से भारतीय राजनयिकों को प्रताड़ित किया जा रहा है। पाकिस्तान में कई भारतीय राजनयिकों को प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें नए गैस कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं, राजनयिकों के अतिथियों को तरह-तरह से परेशान किया जाता है। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की इंटरनेट सेवा को भी बंद कर दिया गया है।
इतना ही नहीं, दिसंबर में ही एक अधिकारी के घर में एक घुसपैठिए के भी घुसने की घटना भी सामने आई थी। हालांकि, भारत ने इस मामले को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने उठाया है। ऐसा पहली बार नहीं है, जब पाकिस्तान में भारतीय राजनयिकों को परेशान किया गया है। इससे पहले भी कई बार उन्हें अलग-अलग तरह से परेशान किया गया है।
इसी साल मार्च में भारत ने इस्लामाबाद में अपने उच्चायोग के जरिए पाकिस्तान को एक नोट वर्बेल (राजनयिक संवाद) जारी किया था। उच्चायोग के कर्मचारियों को वहां‘डराने-धमकाने और परेशान करने पर अपना विरोध जताने के लिए भारत ने यह राजनयिक नोट जारी किया था। तीन महीने से भी कम समय की अवधि में यह 12 वीं बार था, जब भारत ने इस तरह का राजनयिक नोट जारी किया।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को भेजे गए नोट में भारतीय उच्चायोग ने परेशान करने की दो घटनाओं एक ताजा और दूसरी 15 मार्च की घटना का विशेष रूप से उल्लेख किया।
इसके अलावा, अप्रैल में भारत ने पाकिस्तान द्वारा अपने राजनयिकों को सिख श्रद्धालुओं से नहीं मिलने देने पर कड़ा विरोध जताया था।
दरअसल, पिछले दिनों पाकिस्तान ने तीर्थयात्रा पर आए सिख श्रद्धालुओं को वहां के प्रमुख गुरुद्वारा जाने और भारतीय राजनयिकों से मिलने से रोका था। इस मामले को लेकर रविवार को विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि करीब 1800 सिख श्रद्धालुओं का एक समूह तीर्थाटन सुगमता संबंधी द्विपक्षीय संधि के तहत 12 अप्रैल को पाकिस्तान की यात्रा पर गया था।
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