
बस्ती । उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले मे पराली जलाने वाले किसानों को खेत की माप के अनुसार पर्यावरण की क्षति पूर्ति के लिए आर्थिक दण्ड लगाया जाएगा। जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने कहा कि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने फसल अवशेष (पराली) का जलाया जाना दंडनीय अपराध घोषित कर दिया है।
पर्यावरण क्षति पूर्ति के लिए किसानों पर आर्थिक दण्ड लगाया जायेगा। उन्होंने बताया कि पराली जलाने वाले दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों के लिए 25 सौ प्रति घटना, दो से पांच एकड़ वाले किसानों से 5 हजार रूपया प्रति घटना, पांच एकड़ से अधिक भूमि रखने वाले किसानों से 15 हजार रूपया प्रति घटना पर्यावरण क्षति पूर्ति के लिए शुल्क निर्धारित किया गया है। निरंजन ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान खेतो में पराली न जलाएं इससे उर्वरक शक्ति नष्ट में गिरावट आ जाती है और पैदावार की कमी हो जाती है।
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