
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए गैंगरेप और मर्डर केस का असर अब बिहार विधानसभा चुनाव पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। बिहार में दलित मतदाताओं की संख्या लगभग 17 फीसदी है, यही वजह है उनसे जुड़े मुद्दों पर सभी राजनीतिक दल तुरंत संज्ञान ले रहे हैं। राजनेताओं की ओर से लगातार इसका जिक्र किया जा रहा है। इस बीच, कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि बिहार चुनाव में किसी भी ऐसे उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया जाएगा, जिसपर रेप का आरोप लगा हो।
तीन प्रत्याशियों के टिकट रोके
बिहार चुनाव को लेकर हुई कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में उम्मीदवारों के नाम पर मंथन किया गया। तय किया गया कि किसी भी रेप आरोपी को पार्टी की ओर से टिकट नहीं दिया जाएगा। इसके बाद कांग्रेस की चुनाव समिति ने तीन प्रत्याशियों का टिकट रोक दिए हैं। इनमें ब्रजेश पांडे का नाम भी शामिल है।
राहुल-प्रियंका की वजह से चर्चा में आया हाथरस कांड
कांग्रेस पार्टी की महिला नेत्री सुष्मिता देव ने इसका जिक्र अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी किया था। उन्होंने कहा किसी भी रेप के आरोपी को टिकट नहीं मिलना चाहिए, जबतक पीड़िता को न्याय नहीं मिलेगा कांग्रेस सड़क पर संघर्ष करेगी। यूपी में कांग्रेस महासचिव प्रियंका और राहुल गांधी ने हाथरस पहुंच कर जिस तरह पीड़ित परिवार से मुलाकात की, उससे यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा आया और यूपी सरकार पर दबाव बना। उल्लेखनीय है कि बिहार में कांग्रेस, विपक्षी महागठबंधन के घटक दल के रूप में 70 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
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