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बीते दस सालों में देश के कृषि बजट में 11 गुना वृद्धि हुई, कारोबार सुगमता बढ़ाएंगे नए कृषि कानून : गंगवार
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बीते दस सालों में देश के कृषि बजट में 11 गुना वृद्धि हुई, कारोबार सुगमता बढ़ाएंगे नए कृषि कानून : गंगवार

नई दिल्ली। श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने बताया कि कृषि मंत्रालय का बजट, वर्ष 2009-10 में यूपीए शासन के दौरान के 12,000 करोड़ रुपए से 11 गुना बढ़कर 1।34 लाख करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने कहा कि इस बढ़ोतरी, किसानों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता, को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत सभी कांग्रेस नेता इन दिनों नए कृषि कानूनों को लेकर सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं। 

उपज को कहीं भी बेचने की स्वतंत्रता देते हैं ये कानून
केंद्र सरकार द्वारा लाए गए इन कानूनों का उद्देश्य किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए मार्केटिंग की स्वतंत्रता देना है। कांग्रेस कह रही है इन कानूनों के माध्यम से किसानों को उनकी उपज के लिए घोषित की जाने वाली न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था समाप्त करने की साजिश की जा रही है। हालांकि, केंद्र सरकार ने इस आशंका का खंडन किया है कि एमएसपी खत्म कर दी जाएगी। एमएसपी वह मूल्य है जो सरकार, किसानों को उनकी उपज के लिए सुनिश्चित करती है। कृषि मंत्रालय के बजट में वृद्धि, समर्थन मूल्य पर खाद्यान्नों और अन्य कृषि उपज की खरीद पर सरकारी खर्च में काफी वृद्धि का संकेत देती है। एमएसपी किसानों को बाजार में उतार-चढ़ाव से बचाता है। 

पीएम मोदी के कार्यकाल में कृषि क्षेत्र में लगातार प्रगति
केंद्रीय मंत्री गंगवार ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2014 में पदभार संभालने के बाद से गांवों, किसानों, गरीबों और कृषि की निरंतर प्रगति हुई है। उन्होंने कहा वर्ष 2009-10 में कृषि मंत्रालय का बजट सिर्फ 12,000 करोड़ रुपए था, जिसे 11 गुना बढ़ाकर 1।34 लाख करोड़ रुपए कर दिया गया है। उन्होंने कहा नए कृषि कानूनों से किसानों को बहुत लाभ होगा, क्योंकि वे अपनी उपज को अन्य राज्यों में भी बेहतर कीमतों पर बेच सकेंगे। केंद्रीय मंत्री गंगवार ने एमएसपी व्यवस्था को समाप्त किए जाने को लेकर फैली आशंकाओं को दरकिनार करते हुए कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के शासनकाल के मुकाबले फसलों के समर्थन मूल्य में भारी वृद्धि हुई है। 

किसानों को आत्मनिर्भर बनाएंगे नए कानून
उन्होंने सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंधों और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कामकाज की परिस्थिति पर संसद द्वारा पारित की गई तीन प्रमुख श्रम संहिताओं के बारे में भी कहा कि इन सुधारों से श्रमिकों को आने वाले दिनों में आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। गंगवार ने कहा कि राष्ट्रपति ने तीन श्रम कानूनों पर अपनी सहमति दे दी है। उन्होंने कहा कि ये श्रम संहिताएं कारोबार सुगमता की स्थिति को बेहतर करेंगी। उन्होंने कहा उद्योग और श्रमिक एक-दूसरे के पूरक होंगे और इसलिए उन्हें बदलते समय के साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने उद्योग जगत के अग्रणी लोगों से भारत को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के अंतिम लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार के साथ सहयोग करने की अपील की।
 

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