
मध्यप्रदेश की नई सरकार में मंत्री मंडल के गठन की तारीख को लेकर जारी संस्पेंस अब खत्म होता दिख रहा है। राजनैतिक सूत्रों की मानें तो अब नए मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार 25 दिसंबर यानी क्रिसमस को पूर्ण आकार ले लेगी। कांग्रेस आलाकमान ने तय किया है कि कमलनाथ की कैबिनेट क्रिसमस के मौके पर शनिवार दोपहर 3 बजे शपथ ग्रहण करेगी। इस कैबीनेट के गठन से एक बार फिर कांग्रेस नेता ज्योतिरातित्य सिंधिया को मायूसी हाथ लग सकती है। राजनैतिक गलियारों में खबर हैं कि मुख्यमंत्री कमलनाथ के मंत्रीमंडल में उन्हीं सिंधिया समर्थकों को जगह दी जा रही है, जो कि वास्तविक तौर पर मंत्री पद के योग्य हैं, मतलब ऐसे नेता जो कि सीनियर विधायक होने के साथ ही विपक्ष में रहने के दौरान अपने-अपने क्षेत्र में जनता की आवाज को लगातार मजबूत करते रहे हैं। इस आधार पर सिंधिया गुट के गिने-चुने विधायक ही मंत्रीमंडल में जगह पा सकेंगे। इसलिए ही कमलनाथ की कैबीनेट में सिंधिया गुट के हासिए पर रहने के कयास लगाए जा रहे हैं।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को 24 दिसंबर को गुजरात और छत्तीसगढ़ के दौरे पर जाना था, लेकिन शपथ समारोह के कारण उनकी यात्रा को पुनर्निर्धारित किया गया और अब उनके 25 दिसंबर को शपथ ग्रहण के बाद निकलने की उम्मीद है।
प्रदेश कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार मंत्रियों की सूची तैयार है। पिछले दो दिनों से राज्य के केंद्रीय नेताओं के साथ कई दौर की चर्चा के बाद, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शनिवार सुबह AICC अध्यक्ष राहुल गांधी से मंत्रिपरिषद की अंतिम सूची को लेकर मुलाकात की।
कैबिनेट के मंत्रियों के नाम और उनके विभागों को लेकर अभी भी सस्पेंस बरक़रार है, लेकिन सूत्रों की मानें तो मंत्री मंडल में सदस्य संख्या 35 तक हो सकती है। इसी के साथ, यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि विजयलक्ष्मी साधो, एनपी प्रजापति, डॉ. गोविंद सिंह, केपी सिंह में से किसी एक को कांग्रेस स्पीकर बना सकती है। विजयलक्ष्मी साधौ दिग्विजय सिंह सरकार में पूर्व मंत्री रह चुकी हैं। विजयलक्ष्मी ने इस बार 35,000 वोट से महेश्वर विधानसभा सीट जीती है। वहीं एनपी प्रजापति, डॉ. गोविंद सिंह, केपी सिंह यह तीनों भी कई बार विधायक रह चुके हैं और इन तीनों के पास ही लंबा संसदीय अनुभव है।
मंत्री मंडल में मालवा-निमाड़ से तुलसी सिलावट, जीतू पटवारी, सज्जन सिंह वर्मा, हुकुमसिंह कराड़ा, बाला बच्चन, उमंग सिंघार, सचिन यादव, राज्यवर्द्धन सिंह (दत्तीगांव), दिलीप सिंह गुर्जर या रामलाल मालवीय को मंत्री पद मिल सकता है। इसी तरह ही ग्वालियर-चंबल से इमरती देवी, डॉ.गोविंद सिंह (लहार), प्रधुम्न सिंह तोमर, केपी सिंह, एंदल सिंह कंसाना, लाखन सिंह के नाम मंत्रीमंडल में शामिल किए जा सकते हैं। वहीं बुंदेल खंड से विक्रम सिंह नाती राजा (राजनगर), गोविंद सिंह राजपूत, ब्रजेंद्र सिंह राठौर का नाम नए मंत्री के तौर पर सामने आ सकता है। इसके अलावा विंध्यांचल से कमलेश्वर पटेल, बिसाहू लाल और महाकौशल से हिना कांवरे, दीपक सक्सेना, लखन घनघोरिया, ओमकार सिंह मरकाम, एनपी प्रजापति, तरुण भानौत, सुखदेव पांसे को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। मध्यक्षेत्र से आरिफ अकील, डॉ. प्रभुराम चौधरी, पीसी शर्मा, लक्ष्मण सिंह या जयवर्द्धन सिंह दोनों में से किसी एक नाम मंत्रीमंडल में शामिल किया जा सकता है। नई सरकार के मंत्रीमंडल में दो निर्दलीय विधायकों को भी मंत्री पद दिए जाने की खबर है। इनमें चार बार के विधायक रहे प्रदीप जायसवाल (वारसौनी) और सुरेंद्र सिंह उर्फ शेरा का नाम है। इनमें से कई विधायक दिग्विजय सिंह सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।
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