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25 दिसंबर को शपथ लेगा कमलनाथ का मंत्रिमंडल, राजभवन में होगा आयोजन
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25 दिसंबर को शपथ लेगा कमलनाथ का मंत्रिमंडल, राजभवन में होगा आयोजन

भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के साथ मंत्रिमंडल गठन को लेकर हो रही चर्चाओंके बीच कमलनाथ के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण कार्यक्रम भी तय हो गया है। जानकारी के मुताबिक कमलनाथ मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह 25 दिसंबर को आयोजित होगा। भोपाल के राजभवन में होने वाला यह कार्यक्रम दोपहर तीन बजे से शुरू होगा।  

आज रात राहुल से मिलेंगे कमलनाथ

उल्लेखनीय है कि कमलनाथ इस समय अपने मंत्रिमंडल में लिए जाने वाले नेताओं पर अंतिम मोहर लगावाने के लिए पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने दिल्ली गए हुए हैं। उन्होंने अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों  की सूची को अंतिम रूप दे दिया है, बस उस पर राहुल गांधी की सहमति लेनी रह गई है। कमलनाथ की शुक्रवार को राहुल गांधी से मुलाकात नहीं हो सकी थी। शनिवार को भी दिन में कमलनाथ की उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। सूत्रों ने बताया कि शनिवार रात उनकी कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात होने वाली है। इस औपचारिक मुलाकात के बाद ही मंत्रियों के नामों पर अंतिम मोहर लगेगी। 

पटेल और एंटनी से भी की चर्चा 

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने नई सरकार में मंत्रियों और राज्य के अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए गुरूवार को ही दिल्ली चले गए थे। उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के गठन और अन्य मुद्दों पर अन्य लोगों के अलावा यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल और एके एंटनी आदि से चर्चा की। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को मद्देनजर रखते हुए प्रदेश में पार्टी के भीतर अलग-अलग गुटों और क्षेत्रीय संतुलन को बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। इसे देखते हुए मंत्रिमंडल गठन को लेकर चर्चा लंबी चल रही है। मंत्रिमंडल में वरिष्ठ सदस्यों को शामिल करने के साथ चार निर्दलियों में से दो को मंत्रिमंडल में स्थान दिए जाने पर भी चर्चा हो रही है।

मंत्रिमंडल के माध्यम से गुटबाजी साधने की कोशिश

सूत्रों के अनुसार हाईकमान कांग्रेस के राज्य संगठन में गुटबाजी को लेकर विशेष रूप से चिंतित है। यही वजह है कि मंत्रिमंडल के गठन को इतना महत्व दिया जा रहा है। मंत्रिमंडल के गठन के बहाने सभी गुटों को संतुष्ट करने के प्रयास किए जाएंगे। इसमें ज्यातिरादित्य सिंधिया और  दिग्विजय सिह को संतुष्ट करने के लिए उनके समर्थकों को विशेष स्थान दिए जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार पार्टी अध्यक्ष पद ज्योतिरादित्य सिंधिया को नहीं दिए जाने की ज्यादा संभावना है। उन्हें अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री बनने के बाद खाली हुई केंद्रीय महासचिव की जिम्मेदारी सौेंपी जा सकती है। यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व कम से कम एक डिप्टी सीएम भी बनाए जाने के पक्ष में है। इस पद पर अब तक किसी का नाम नहीं लिया जा रहा है। Ahmed Patel, A K antony

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