
भोपाल, 25 दिसंबर, न्यूज़ मंच, मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल के 28 मंत्रियों ने राजभवन में आयोजित समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ ली। इनमें एक निर्दलीय, दो महिलाओं और अल्पसंख्यक वर्ग से एक मुस्लिम को मंत्री बनाया गया है। मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले 15 चेहरे ऐसे हैं जो विधायक के चुनाव तो पहले भी जीत चुके हैं, लेकिन मंत्री बनने का मौका पहली बार मिला। वहीँ, पहली बार विधायक बने 55 नए चेहरों में से किसी को भी मंत्रिमंडल में स्थान नहीं दिया गया है। यह कमलनाथ ने शुरू से ही साफ़ कर दिया था, तो इसपर किसी ने भी ख़ास नाराज़गी और विरोध नहीं जताया।
मंत्रिमंडल में कांग्रेस संगठन में सक्रिय विभिन्न गुटौ, क्षेत्र और धर्म के् आधार पर मंत्रिमंडल में स्थान दिया गया है। मंत्रिमंडल काफी मंथन बे बाद बनाया गया और गुटीय संतुलन का बहुत ध्यान रखा गया, जिसमें कमलनाथ, दिग्विजय और सिंधिया के विधायकों को संतुलित तरीके से स्थान दिया गया है।
राहुल ने तय किए थे मंत्रियों के नाम
इससे पहले मंत्रिमंडल को लेकर चार दिन तक दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया आदि से बैठक कर इन नामों को अंतिम रूप दिया था। मंत्रिमंडल के गठन मे सभी वर्गों को संतुष्ट करने का प्रयास किया गया था।
इन 28 मंत्रियों ने ली शपथ
सर्वप्रथम डॉ. विजयलक्ष्मी साधो ने शपथ ग्रहण की। इसके बाद सज्जन सिंह वर्मा, हुकुम सिंह करदा, डॉ. गोविन्द सिंह (लहार), बाला बच्चन (राजपुर) , आरिफ अकील( भोपाल उत्तर ) , ब्रजेन्द्र सिंह राठोड, प्रवीण जायसवाल(वारसौनी), लखन सिंह यादव, तुलसी राम सिलावट (सांवेर), गोविन्द सिंह राजपूत, इमरती देवी (डबरा), ओमकार सिंह मरकाम, डॉ प्रभुराम चौधरी, प्रियव्रत सिंह, सुखदेव पांसे (मुलताई), उमंग सिंघार, जयवर्धन सिंह (राधोगढ), जीतू पटवारी (राऊ), कमलेश्वर पटेल, लखन घंघोरिया, महेंद्र सिंह सिसोदिया (बमोरी), पी की शर्मा (भोपाल उत्तर) ,प्रदुम्न सिंह तोमर, सचिन सुभाष यादव (कसरावत), सुरेंद्र सिंह बघेल (कुक्खी), और तरुण भनोट ने शपथ ग्रहण की ।
विधानसभा सत्र 7 जनवरी से
विधानसभा का सत्र 7 जनवरी से शुरू हो रहा है, जिसमें सभी विधायकों को प्रोटेम स्पीकर शपथ दिलाएंगे। प्रोटेम स्पीकर सदन के वरिष्ठ नेता को बनाया जाता है। इस पद के लिए फिलहाल भाजपा से गोपाल भार्गव का नाम लिया जा रहा है। यह सत्र 11 जनवरी तक चलेगा। सरकार 10 संसदीय सचिव बना सकती है। इन्हें कैबिनेट या राज्यमंत्री का दर्जा होगा।
Leave Comments