
मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से 20 लोगों की मृत्यु होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने बुधवार को इस घटना के सभी पहलुओं पर जांच के लिये गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश राजौरा की अध्यक्षता में अधिकारियों की चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस बीच, मुख्यमंत्री ने मुरैना के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को हटाने का निर्देश दिया है।
राजौर ने समिति के अन्य सदस्य के तौर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी-सीआईडी) ए साईं मनोहर और उप महानिरीक्षक (डीआईजी) मिथिलेश शुक्ला को शामिल किया गया है। एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘‘ इससे पहले इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को इस मामले की समीक्षा बैठक के बाद मुरैना के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को हटाने के आदेश दिए हैं।’’ मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में सीधे तौर पर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और वह ऐसे मुद्दों में 'मूक दर्शक' नहीं रहेंगे।
इस मामले में सात आरोपियों के खिलाफ धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और आबकारी अधिनियम की संबद्ध धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है तथा प्रत्येक आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इससे पहले बुधवार सुबह को पुलिस उप महानिरीक्षक राजेश हिंगणकर ने बताया, ‘‘सोमवार रात हुई इस घटना में छह और लोगों के दम तोड़ने के बाद मरने वालों की संख्या 14 से बढ़कर 20 हो गयी है।’’
उन्होंने बताया कि इसके अलावा संदिग्ध जहरीली शराब पीने से बीमार हुए 21 लोगों का फिलहाल मुरैना और ग्वालियर में उपचार चल रहा है। मालूम हो कि सोमवार रात को मुरैना जिला मुख्यालय से 14 किलोमीटर दूर मानपुर और पहावाली गांव में अवैध जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत हो गयी थी और कई लोग बीमार हो गये थे।
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