
जयपुर, 24 दिसंबर, न्यूज़ मंच, राजस्थान में सोमवार को कैबिनेट का गठन हो गया है। गहलोत सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार के तहत 23 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ले ली है। राजस्थान के कैबिनेट विस्तार में इस बार महिलाओं को नजरअंदाज किया गया है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 23 मंत्रियों में से सिर्फ एक महिला विधायक ममता भूपेश ने ही मंत्री पद की शपथ ली है। इसकी तुलना में पिछली बार वसुंधरा राजे के मंत्रिमंडल में 4 महिला मंत्री थीं। राज्यपाल कल्याण सिंह ने राजभवन में आयोजित एक समारोह में मंत्रियों को शपथ दिलाई। 13 को कैबिनेट और 10 को राज्यमंत्री बनाया गया है। इनमें 17 यानि दो तिहाई से ज्यादा नए चेहरे हैं। मंत्रिमंडल में जातिगत समीकरणों व आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान रखा गया है। वहीं, गठबंधन की राजनीति को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय लोकदल के एकमात्र विधायक सुभाष गर्ग को भी मंत्री बनाया गया है। गर्ग को मंत्री बनाने के कदम के पीछे यह संदेश देने का प्रयास है कि कांग्रेस साथी दलों को पूरा तवज्जो देती है। मंत्रिमंडल में एक महिला और एक मुस्लिम विधायक को भी स्थान मिला है।
13 लोगों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा
डॉ. बीडी कल्ला, शांति धारीवाल, परसादी लाल मीणा, मास्टर भंवरलाल मेघवाल, लालचंद कटारिया, डॉ रघु शर्मा, प्रमोद जैन भाया, विश्वेंद्र सिंह, हरीश चौधरी, रमेश चंद्र मीणा, उदयलाल आंजना, प्रताप सिंह खाचरियावास, सालेह मोहम्मद को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई है।
10 की हुई राज्यमंत्री के रूप में ताजपोशी
गोविंद सिंह डोटासरा, ममता भूपेश, अर्जुन बामनिया, भंवरसिंह भाटी, सुखराम विश्नोई, अशोक चांदणा, टीकाराम जूली, भजनलाल जाटव, राजेंद्र यादव, सुभाष गर्ग को राज्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई है।
17 विधायक पहली बार बने मंत्री
रघु शर्मा, लाल चंद, विश्वेंद्र सिंह, हरीश चौधरी, रमेश मीणा, प्रताप सिंह, उदयलाल आंजना, सालेह मोहम्मद, गोविंद डोटासरा, ममता भूपेश, अर्जुन बामनिया, भंवर सिंह, सुखराम विश्नोई, अशोक चांदना, टीकाराम जूली, भजनलाल, राजेन्द्र यादव व सुभाष गर्ग पहली बार मंत्री बनें हैं।
चार जाटों को मिली मंत्रिमंडल में जगह
गहलोत मंत्रिमंडल में जाट समाज के चार विधायकों को मंत्री बनाया गया है। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री लालचंद कटारिया, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हरीश चौधरी, भरतपुर के पूर्व महाराजा विश्वेन्द्र सिंह और शेखावाटी में कांग्रेस के जाट चेहरा गोविंद सिंह डोटासरा शामिल हैं। वहीं, मीणा समाज के दो नेताओं को मंत्री बनाया गया है। इनमें एक परसादी लाल मीणा और दूसरे भाजपा के दिग्गज मीणा नेता किरोड़ी लाल की पत्नी गोलमा को हराने वाले रमेश मीणा शामिल हैं। ब्राह्मण चेहरे के रूप में रघु शर्मा और डॉ. बीडी कल्ला को स्थान मिला है। दो राजपूत नेताओं प्रताप सिंह खाचरियावास और भंवर सिंह भाटी को मंत्री बनाया गया है। पाक सीमा से सटे जैसलमेर के पोकरण से चुनाव जीते सालेह मोहम्मद को मुस्लिम चेहरे के रूप में मंत्री बनाया गया है।
गहलोत समर्थकों का रहा दबदबा
दलितों में भंवरलाल मेघवाल, टीकाराम जुली, भजनलाल जाटव और ममता भूपेश शामिल हैं। आदिवासी अंचल से अर्जुन बामणिया एवं विश्नोई समाज को सत्ता में प्रतिनिधित्व देने के लिए सुखराम विश्नोई, ओबीसी कोटे से उदय लाल आंजना, वैश्य समाज से शांतिलाल धारीवाल,प्रमोद जैन भाया और सुभाष गर्ग को मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। यादव समाज से राजेंद्र यादव को स्थान मिला है। सचिन पायलट अपने तीन समर्थकों को कैबिनेट मंत्री बनवाने में सफल रहे, वहीं चार गहलोत के खास समर्थकों को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। मंत्रिमंत्रडल में गहलोत समर्थकों की कुल संख्या 13 है, जबकि सचिन पायलट के खेमे के 7 विधायकों को मंत्री बनाया गया है।
इन दिग्गजों को नहीं मिली जगह
इस बार जिन दिग्गज नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है उनमें सीपी जोशी, हेमाराम चौधरी, भरत सिंह, दीपेंद्र सिंह शेखावत, परसराम मोरदिया, राजेंद्र पारीक, जाहिदा,अशोक बैरवा, महेश जोशी, जितेंद्र सिंह , महेंद्रजीत सिंह मालवीय, बृजेंद्र ओला और राजकुमार शर्मा है।
एक महिला व एक मुस्लिम को मिलीजगह
मंत्रिमंडल में एक महिला तथा एक मुस्लिम शामिल है। इनमें 18 मंत्री ऐसे है जो पहली बार इस पद पर पहुंच पाए है। सबसे ज्यादा तीन-तीन मंत्री जयपुर और भरतपुर, दौसा और बीकानेर से दो-दो तथा अलवर, चुरू, चित्तौडगढ़, जालौर, बूंदी, अजमेर, कोटा, बाडमेर, करौली, जैसलमेर, सीकर, बांसवाडा एवं बारां से एक-एक मंत्री लिए गए है।
पूरी कैबिनेट करोड़पति, दो की संपत्ति 100 करोड़ से ज्यादा
उदयलाल आंजना 107 करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक हैं। विश्वेंद्र सिंह 104 करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक हैं। इनके अलावा मुख्यमंत्री गहलोत और उपमुख्यमंत्री पायलट समेत सभी मंत्री करोड़पति हैं। 14 जिलों से कोई मंत्री नहीं। सबसे ज्यादा 3-3 मंत्री जयपुर और भरतपुर से। दौसा-बीकानेर से 2-2, अलवर, चूरू, चित्तौड़, जालौर, बूंदी, अजमेर, कोटा, बाड़मेर, करौली, जैसलमेर, सीकर, बांसवाड़ा और बारां से 1-1 मंत्री बनाए गए हैं।
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