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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सबरीमाला मंदिर में सबसे पहले दर्शन करने वाली कनकदुर्गा को सास ने पीटा
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सबरीमाला मंदिर में सबसे पहले दर्शन करने वाली कनकदुर्गा को सास ने पीटा

तिरुवनंतपुरम, 15 जनवरी, न्यूज़ मंच, केरल के सबरीमाला मंदिर में 800 साल से 10 से 50 साल उम्र की महिला के प्रवेश पर रोक थी। 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने हर उम्र की महिलाओं के प्रवेश की इज़ाज़त दी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पूरे राज्यभर में विरोध जारी रहा। लेकिन कई एनजीओ से जुडी महिलाएं और इस प्रकार की प्रथाओं की विरोधी महिलाएं मंदिर में प्रवेश की कोशिश करती रहीं। इसी के बीच, कनकदुर्गा (39) ने महिला साथी बिंदु (40) के साथ 2 जनवरी को भगवान अयप्पा के दर्शन किये और 800 साल पुरानी इस प्रथा को तोड़ा दिया।

दोनों ही सबरीमाल मंदिर में इस तरह दर्शन का लाभ उठाने वाली पहली महिला बानी और उन्होंने मंदिर के अंदर पूजा अर्चना भी की। 

मुख्य मंत्री ने दी पूरी सुरक्षा 
समाज के ठेकेदारों को उनका ये कदम उठाना रास नहीं आया। पूरे राज्य में दंगे भड़क गए थे और मंदिर का शुद्धिकरण भी कराया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंदिर में दर्शन के बाद से ही कनकदुर्गा कहीं छिपी हुई थीं। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने कनकदुर्गा और बिंदु समेत सभी महिला दर्शनार्थियों को पूरी सुरक्षा देने के निर्देश दिए। 

कनकदुर्गा पर उनकी ही सास ने किया हमला 
कनकदुर्गा और बिंदु का ये कदम सभी बुद्धिजीवियों के बीच वाद - विवाद का एक विषय बन गया। हद्द तो तब हुई, जब कनकदुर्गा पर मंगलवार को उनकी ही सास ने ही हमला कर दिया। इसके बाद पुलिस वह पहुंची और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। 

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