
भोपाल, 12 दिसंबर, न्यूज़ मंच, किसान के प्यारे बेटे शिवराज की आज विदाई होने जा रही है। बड़ी शान से मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री पद पर आसीन रहे, लोगों के बीच से उभरे और लोगों के बीच रहे।
पांच राज्यों में हुए विधान सभा चुनाव में सबसे ज़्यादा एंटी इंकम्बैंसी का शिकार होने वाले मुख्य मंत्री भी शिवराज ही रहे । केंद्र के कुछ फैसलों का सीधा भार भाजपा शाषित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने झेला है, और शिवराज उसका शिकार भी बने।
देखा जाये तो शिवराज पूरे मध्य प्रदेश के चहेते रहे, और किसी को भी इस बात पर ज़रा भी ऐतराज़ नहीं होगा, अगर कहा जाये कि मध्य प्रदेश में बीजेपी ने जिन 109 सीटों पर जीत हासिल की है, वो सभी शिवराज की वजह से बीजेपी के खाते में आयी है।
मध्य प्रदेश में आज बुधवार की सुबह तक कुल 230 सीटों के नतीजे घोषित हुए। कांग्रेस को 114 सीटों पर और बीजेपी को 109 सीटों पर जीत हासिल हुई है। वहीं, सपा 1, बसपा 2 और अन्य के पास 4 सीटें हैं।
मध्य प्रदेश में बहुमत के लिए 116 का आंकड़ा चाहिए। मायावती ने साफ़ कर दिया है कि वो बीजेपी को मध्यप्रदेश से हटाने के लिए कांग्रेस को समर्थन देने के लिए तैयार हैं। ऐसे में कांग्रेस का रास्ता साफ़ हो गया है।
मायावती के कांग्रेस को समर्थन के ऐलान के बाद अब राज्यपाल ने कांग्रेस को दोपहर 12 बजे राजभवन बुलाया है।
वहीं शिवराज सिंह चौहान ने अपनी हार स्वीकार कर, इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि, "हमें स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, इसलिए मैं राज्यपाल महोदय को इस्तीफा देने जा रहा हूं।"
शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ को जीत की बधाई दी और एमपी में हार की पूरी ज़िम्मेदारी भी ली।
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