
नई दिल्ली। कोरोना काल में पिछले आठ माह से बंद स्कूलों को खोलने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने आज गाइडलाइन जारी किया। शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को यह निर्देश दिया है कि वे अपने प्रदेश की स्थिति देखते हुए स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा के लिए व्यवस्था करें। राज्यों को सुरक्षा, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ स्कूलों को शुरू करने के लिए एसओपी जारी करनी होगी। मंत्रालय ने कहा है कि वे क्रमबद्ध तरीके से ऐसी व्यवस्था करें कि विद्यार्थी शारीरिक और सामाजिक दूरी के साथ स्कूल आएं और उनके कोरोना से संक्रमित होने का खतरा नहीं हो।
30 सितंबर को जारी की गई थी अनलॉक-5 के लिए गाइडलाइन
गौरतलब है कि 30 सितंबर को अनलॉक 5 के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी की थी, जिसमें यह कहा गया था कि 15 अक्टूबर के बाद स्कूलों को खोलने पर विचार किया जा सकता है। लेकिन साथ ही मंत्रालय ने यह भी कहा था कि आनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी और किसी भी विद्यार्थी को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया जायेगा। साथ ही जो बच्चे स्कूल आयेंगे उन्हें अभिभावकों से सहमति पत्र लाना होगा। स्कूलों को बच्चों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना होगा और स्कूल में साफ-सफाई और सेनेटाइजेशन की उचित व्यवस्था करनी होगी। सभी के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
बच्चों को अभिभावक अभी स्कूल नहीं भेजना चाहते
अनलॉक 5 की गाइडलाइन आने के बाद कई राज्यों ने स्कूल खोलने की तैयारी कर ली है, लेकिन अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं। अभिभावकों का कहना है कि वैक्सीन के बिना बच्चों को स्कूल भेजना उचित नहीं होगा यह बहुत ही असुरक्षित होगा। अभिभावकों का ऐसा मानना है कि स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग और सेनेटाइजेशन की उचित व्यवस्था संभव ही नहीं है। ऐसे में स्कूलों को खोलना कितना सही होगा यह अबतक बहस का मुद्दा है।
31 अक्टूबर तक स्कूल बंद रखेगी दिल्ली सरकार
हालांकि केंद्र सरकार ने 15 अक्टूबर से स्कूल खोलने पर रजामंदी दे दी है, लेकिन दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केजरीवाल सरकार ने 31 अक्टूबर तक स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि देश में अबतक एक लाख से ज्यादा लोगों की मौत कोरोना की वजह से हो चुकी है।
क्या है गाइडलाइन
- स्कूलों में सभी क्षेत्रों की, फर्नीचर, स्टोरेज प्लेस, वॉटर टैक, किचिन, कैंटीन, लैब, स्कूल कैंपस की सफाई ।
- स्कूल को इमरजेंसी केयर सपोर्ट टीम, जनरल सपोर्ट टीम, हाईजीन इंस्पेक्शन जैसी टास्क टीम बनानी होंगी।
- स्कूलों को राज्यों की गाइडलाइन्स के मुताबिक, सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए एसओपी तैयार करनी होगी।
- सीटिंग प्लान बनाते वक्त सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा। किसी भी प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन नहीं होगा।
-सभी छात्रों और स्टाफ को मास्क पहनना होगा। खासकर क्लास में या कोई गतिविधि करते वक्त (लैब या लाइब्रेरी में)।
- सोशल डिस्टेंसिंग के मैसेज मार्क या डिस्प्ले करने होंगे। अभिभावकों से बच्चों को स्कूल बुलाने से पहले सहमति लेनी होगी।
- परीक्षा और ब्रेक के लिए एकेडमिक कैलेंडर में जरूरी परिवर्तन किए जाएं। स्कूल खुलने से पहले सभी के पास किताबें हों।
- उपस्थति में छूट दी जानी चाहिए, ताकि बीमार होने पर बच्चा या स्टाफ अपने घर पर रह कर स्वास्थ्य लाभ कर सके।
-राज्य मिड डे मील में गरम पका हुआ खाना परोसने की व्यवस्था करें। या इसके बराबर छात्रों को भत्ता दें।
Leave Comments